हम अलीबाबा और चालीस चोर तो हो नहीं

- अरविन्द सीसौदिया , कोटा, राजस्थान ।
अलीबाबा और चालीस चोर....
सभी चोरों ने मिल कर सलाह की ....हम राजा हैं,हम मंत्री हैं, मंत्रीयों के उपर हमारा अधिपत्य है..!! फिर हम चोर या भ्रष्टाचारी कैसे हो सकते हैं ? जनता से पैसा लेना और उसे अपने उपर खर्च करना तो हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है !! जनता को लूटना और जनधन को लुटवाना..,परिभाषा को फेर भले ही हो , मगर यह तो हमारा अधिकार है । इसीलिये कल सोनिया जी, मनमोहनसिंह जी, प्रणव दा और चिदम्बरम एक हुये सब ने मिल कर कहा । हम क्लीन हैं...,हमने जो किया था वही ठीक है और कानून सम्मत हे। हम चुने हुए लोग हैं इसलिये अलीबाबा और चालीस चोर तो हो नहीं सकते.....................

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