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पोप राष्ट्राध्यक्ष , तो सत्य सांई या बाबा रामदेव के करोडपति होनें पर क्या आपत्ति ...?

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भारतीय मीडिया सच को  देखे.....  - अ रविन्द सिसोदिया    भारतीय मीडिया के द्वारा बाबा राम देव और सत्य सांई की संपत्तियों को समाज के सामने पेश करते हुए , निम्न स्तरीय नजरिया अपनाया, जबकी इसाई धर्मगुरु पोप को तो एक राष्ट्राध्यक्ष का दर्जा दिया हुआ , इन राशियों से कहीं अधिक तो कई चर्चों के पास है ..., दुनिया भर में धर्म परिवर्तन पर चर्च जो खर्च करता है यह  उसके सामने राई भर भी नहीं है ! सही विश्लेष्ण तुलनात्मक होना चाहिए . किसी दुर्भावना से प्रेरित नहीं ...!!! बाबा की सम्पत्ति की तुलना किसी एलोपर्थिक दावा निर्माता कंपनी से क्यों नहीं करते ..!! भारत को परोक्ष गुलाम बनाने वालों की गुलामी में भारतीय मीडिया का होना घातक है ..!!  ------ घोषणा के अनुसार 1995 से अस्तित्व में आये बाबा रामदेव के पहले ट्रस्ट दिव्य योग मंदिर के पास वर्तमान पूंजी 249 करोड़ रुपये की है और यह ट्रस्ट अब तक 685 करोड़ 25 लाख रुपये जनसेवा के कार्यों पर खर्च कर चुका है। दूसरे ट्रस्ट पतंजलि योग पीठ के पास 164 करोड़ 80 अस्सी लाख रुपये की वर्तमान पूंजी है तथा इस योगपीठ ने अब तक 53 करोड़ 92 लाख रुपये जनसेवा पर खर्च किये ह

डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रहित के अमर बलिदानी

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- अरविन्द सिसोदिया                जवाहर लाल नेहरु ने देश की गद्दी पर बैठते ही जम्मू और कश्मीर राज्य के प्रति पूर्वाग्रह  से ग्रस्त देश विरोधी  नीति पर अमल किया जिसके  कारण आज तक देश को भयंकर हानी भुगतनी पड़ रही है | उन्होंने जहाँ पाकिस्तान से अपनी पूरी जमीं वापस लिए बिना युद्ध विराम किया , उसके कारण एक बड़ा भूभाग आज भी पाकिस्तान के कब्जे में है , वहीँ सीमा विवाद को संयुक्त राष्ट्र संघ में ले गए सो यह भूमि युद्ध के द्वारा भी नहीं जीती जा सकती |                  वही इस प्रान्त को सह राष्ट्र जैसा अस्तित्व देकर वहां स्वतंत्रता की गुन्जाईस  रख कर मुसीवत पैदा करदी !   नेहरु जी ने शेख से जो समझौता किया था उसमें  जम्मू और कश्मीर राज्य  का अलग झंडा , अलग संविधान , अलग प्रधान मंत्री बनता था | भारत के सर्वोच्च न्यायलय सहित तमाम उच्च संस्थान के अधिकार क्षेत्र से यह राज्य बहार था |  भारतीय जनसंघ के राष्ट्रिय अध्यक्ष डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के इस धारा  ३७० के विरोध और बलिदान के बाद पूरा देश जगा | बाद में शेख अब्दुल्ला जेल में बंद किये गए , धारा ३७० के काफी कुछ असर कम हुए हैं | अब इस धारा को पूर