मीडिया कांग्रेस सरकार के तमाशों और षड्यंत्रों का हिस्सा नहीं बनें

- अरविन्द सिसोदिया 
 भारतीय मीडिया को कांग्रेस सरकार के तमाशों और षड्यंत्रों का हिस्सा नहीं बनना चाहिए , बाबा रामदेव या अन्ना हजारे , उतने  राजनैतिक  नहीं जितनी की कांग्रेस .., कांग्रेस इनके साथ जो भी खेल खेल रही है उसे उसके पीछे छिपे मंतव्य के साथ उजागर करना ही राष्ट्रधर्म है ! 
* जैसे बालकृष्ण की नागरिकता का प्रश्न , क्या सोनिया जी की विदेशी नागरिकता से ज्यादा प्रश्नगत है .., या भारत में घुसे बंगला देशी विदेशियों की अपेक्षा अधिक महत्त्व की है ? 
* अन्य उठाये जा रहे आरोपों का , इन लोगों के द्वारा उठाये मुद्दों यथा विदेशों में जमा देश के धन और भयानक भ्रष्टाचार से क्या लेना देना ..? 
* कपिल सिब्बल और दिग्विजय सिंह के बेहूदा बयान बाजी की उपेक्षा करें तो यह अपनें आप ठीक हो जायेंगे |
            कांग्रेस ने देश की सत्ता का दुरूपयोग कर मुकदमें लादनें की प्रवर्ती को उपयोग कर सही बात दवानें , सही तथ्यों को समाप्त करने और जबरिया समर्थन प्राप्त करनें के इनका उपयोग किया है | भारतीय मीडिया को इस समय देश की लूटपाट को रोकनें और उसे जायज होनें का जमा पहननें की कोशिशों का पुरजोर विरोध करना चाहिए व् सच्चाई सामनें रखनी चाहिए ! 

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