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एकात्म मानववाद : पंडित दीनदयाल उपाध्याय

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 माननीय लाला कृष्ण आडवाणी जी के ब्लाग से आभार सहित जन हित में   एकात्म मानववाद :  पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनता पार्टी का दर्शन, एकात्म मानववाद पहली बार पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा मुम्बई में 22 से 25 अप्रैल, 1965 को चार व्याख्यानों के रूप में प्रस्तुत किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर, 1916 में हुआ था। उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए अजमेर से उत्तीर्ण की एवं दो स्वर्ण पदक प्राप्त किए। उन्होंने पुन: इन्टर की परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त करते हुए दो स्वर्ण पदक प्राप्त किए। उन्होंने अंकगणित में प्रथम श्रेणी में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। पंडित जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 1937 में शामिल होने वाले पहले कुछ स्वयंसेवकों में से तथा अन्तत: संयुक्त प्रान्तीय प्रचारक बने। वे जनसंघ में 1952 में सम्मिलित हुए एवं 1967 में पार्टी का अध्यक्ष बनने तक महासचिव के पद पर नियुक्त रहे। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निधन के पश्चात् उन्होंने पार्टी के निर्माण की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली एवं इस कार्य में शानदार सफलताएँ अर्जित की।

जम्मू कश्मीर का भारत में विलय सम्पूर्ण : जम्मू व कश्मीर के महाराजाधिराज श्री हरी सिंह जी

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Vishwa Samvad Kendra, Jodhpur का आलेख आभार सहित ....आप सभी के लिए प्रस्तुत हे ... http://vskjodhpur.blogspot.in/2012/09/blog-post_24.html जम्मू कश्मीर का भारत में विलय सम्पूर्ण स्रोत: News Bharati Hindi      तारीख: 9/23/2012 8:27:13 PM   जम्मू कश्मीर प्रांत में पाकिस्तान समर्थित अलगाव वाद तथा आतंकवाद ने तूल पकडा है। आज दि. २३ सितंबर, कश्मीर के दिवंगत महाराजा हरि सिंह जी का जयंती दिन है। इस अवसर पर कश्मीर के भारत में विलिनिकरण प्रक्रिया पर नजर डाल रहें हैं आशुतोष... - आशुतोष    “मैं, श्रीमान् ...... महाराजाधिराज श्री हरी सिंह जी ........ जम्मू व कश्मीर का शासक ........ “रियासत पर अपनी संप्रभुता का निर्वाह करते हुए एतद्द्वारा अपने इस विलय के प्रपत्र का निष्पादन करता हूं ....” यह वही प्रपत्र है जिस पर देश की सभी रियासतों के शासकों ने हस्ताक्षर किये थे। जम्मू कश्मीर के शासक महाराजा हरी सिंह ने भी इस प्रपत्रपर ही हस्ताक्षर किये थे। इस विलय को स्वीकार करते हुए तत्कालीन गवर्