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हिन्दू धर्म के महानायक आदि जगद्गुरु शंकराचार्य की जन्मभूमि

हिन्दू धर्म के महानायक आदि जगद्गुरु शंकराचार्य की जन्मभूमि केरल में स्थित कलाड़ी ग्राम में उनकी जन्म स्थान पर बना हुआ मंदिर,इस ग्राम में वो अपने जन्म के बाद 8 वर्ष तक रहे फिर उन्होंने भारत भर में हिन्दू धर्म की पुनर्स्थापना के अपने जन्म के उद्देश्य की पूर्ती के लिए घर छोड़ने का विचार किया और संन्यास लेने के बहाने 8 वर्ष की उम्र में अपना घर छोड़ दिया किन्तु वो अपनी माँ को वचन दे गए की तुम्हारे जीवन के अंतिम दिनों में मैं तुम्हारे स्मरण करते ही तुम्हारे पास जरुर आऊंगा| पुनः वो इस घर में आपस आये थे जब उनकी माँ की अंतिम साँसे चल रही थी तब वो भारत में पुनः हिन्दू धरम की पुनर्स्थापना के कार्य में लगे हुए थे वही से कर्णाटक से वो केरला वापस आये थे क्योकि शंकराचार्य ने 5 वर्ष की अवस्था से ही हिन्दू धर्म के मूल स्वरुप को प्रकाशित करना शुरू कर दिया था इसी कारण उनके घर विद्वानों का आना जाना लगा रहता था वयोवृद्ध विद्वान् भी बालक शंकर की अद्भुत प्रतिभा के बारे में सुनकर उनके शास्त्र सम्बन्धी शंखाओ का समाधान करवाने आते थे और शंकारचार्य सभी की शंकाओं का समाधान करते थे 8 वर्ष की अवस्था आते आते केरल रा

स्वामी विवेकानंद विचार दृष्टि

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स्वामी विवेकानंद विचार दृष्टि लिंक - http://www.hindisahityadarpan.in/2011/11/great-quotations-by-swami-vivekananda.html §   उठो , जागो और तब तक रुको नही जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाये । -स्वामी विवेकानन्द §   जो सत्य है , उसे साहसपूर्वक निर्भीक होकर लोगों से कहो – उससे किसी को कष्ट होता है या नहीं , इस ओर ध्यान मत दो। दुर्बलता को कभी प्रश्रय मत दो। सत्य की ज्योति ‘ बुद्धिमान ’ मनुष्यों के लिए यदि अत्यधिक मात्रा में प्रखर प्रतीत होती है , और उन्हें बहा ले जाती है , तो ले जाने दो – वे जितना शीघ्र बह जाएँ उतना अच्छा ही है। -स्वामी विवेकानन्द §   तुम अपनी अंत:स्थ आत्मा को छोड़ किसी और के सामने सिर मत झुकाओ। जब तक तुम यह अनुभव नहीं करते कि तुम स्वयं देवों के देव हो , तब तक तुम मुक्त नहीं हो सकते। -स्वामी विवेकानन्द §   ईश्वर ही ईश्वर की उपलब्थि कर सकता है। सभी जीवंत ईश्वर हैं – इस भाव से सब को देखो। मनुष्य का अध्ययन करो , मनुष्य ही जीवन्त काव्य है। जगत में जितने ईसा या बुद्ध हुए हैं , सभी हमारी ज्योति से ज्योतिष्मान हैं। इस ज्योति को छोड़ देने पर ये सब हमारे लि