मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो



मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

आओ मेरी सखी मुझे मेहँदी लगा दो
मेहँदी लगा दो मुझे ऐसे सजा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

सत्संग में मेरी बात चलाई
सतगुरु ने मेरी कीनी रे सगाई
उनको बुलाके हथलेवा तो करा दो
मुझे स्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

ऐसी पहनू चूड़ी जो कभी ना टूटे
ऐसा चुनु दूल्हा जो कबहू ना छुटे
अटल सुहाग की बिंदिया लगा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

ऐसी ओढूँ चुनरी जी रंग नहीं छुटे
प्रीत का धागा कबहू नहीं टूटे
आज मेरी मोतियों से माँग भरा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

भक्ति का सुरमा मै आँख में लगाऊगी
दुनिया से नाता तोड़ उन्ही की हो जाऊँगी
सतगुरु को बुलाके फेरे टी डलवा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

बांध के घुँघर में उनको रिझाऊँगी
लेके एकतारा में श्याम श्याम गाऊँगी
सतगुरु को बुला के डोली तो सजा दो
सखियों को बुला के विदा तो करा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

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