क्या तमाशा है अकूत धन कमाया शराब ठेकों से,जबाव में बता रहे हैं न्यूयार्क टाइम्स की पेड़ खबर
क्या तमाशा है अकूत धन कमाया शराब ठेकों से,जबाव में बता रहे हैं न्यूयार्क टाइम्स की पेड़ खबर । इस वार्तालाप से आप पार्टी के जबाव समझ सकते हैं जनता पूछ रही कि - आपने शराब ठेकों में कितना कमाया हजार करोड,दस हजार करोड ? ठकेदारों को बहुत सी छूटें जनता की जेब काटनें के बावत दीं। जबाब है कि - हमनें दिल्ली की शिक्षा को विश्व की सर्वश्रैष्ठ शिक्षा व्यवस्था बनाई हमारी इन्टरव्यू न्यूयार्क टाइम्स में छपी है जी ...! ( घोटाले पर बोलना ही नहीं है ) ---- जज साहब और आ(रो)पी ! (भाई भरत शर्मा की पोस्ट की कापी) जज - तुमने मोबाइल फोन क्यों चुराया- ? आरोपी - मीलॉर्ड आपको शायद पता नहीं है कि मेरी कमीज दुनिया की सबसे अच्छी कमीज है ! जज - मैं पूछ रहा हूँ कि तुमने मोबाइल फोन क्यों चुराया ? आरोपी - मेरी कमीज की चर्चा बड़े बड़े अखबारों में हो रही है मीलॉर्ड ! जज(झल्लाते हुए) - अरे मैं पूछ रहा हूँ कि तुमने मोबाइल फोन क्यों चुराया,इस बात का जवाब दो !? आ(रो)पी - हुजूर मैं आपको असली बात बताता हूँ ! मेरी कमीज की बात करने वाले असल में मेरी कमीज से जलते हैं ! जज - ऑर्डर ऑर्डर ! तुम साफ साफ बताओ कि तुमने म...