नवरात्रि साधना : मनुष्य में देवत्व के उदय का उद़भव Navratri Sadhana
नवरात्रि साधना : मनुष्य में देवत्व के उदय का उद़भव Navratri Sadhana / meditation : The emergence of the rise of divinity in man नवरात्रि की अनुष्ठान साधना का अत्यधिक महत्व माना गया है। इसमें पूजा अर्चाना की निर्धारित विधि व्यवस्था का अपना महत्व हैं और ऋतु सन्धि के अवसर पर इस बेला की समयपरक विशेषता है। इतने पर भी इस रहस्य को भली प्रकार हृदयंगम किया जाना चाहिए कि आत्मिक प्रगति के साथ जुड़ी रहने वाली सिद्धियों की दृष्टि से इन अनुष्ठानों का मर्म उस अवसर पर पालन किये जाने वाले अनुबन्ध, अनुशासनों के साथ जुड़ा हुआ है। वे नियम सामान्य व्यवहार में कुछ कठिन तो पड़ते है, पर ऐसे नहीं है जिन्हें सच्ची इच्छा के रहते व्यस्त समझे जाने वाले व्यक्ति भी पालन न कर सकें। समझे जाने योग्य तय यह है कि इन अनुशासनों का इन दिनों अभ्यास करने के उपरान्त जीवन दर्शन में स्थायी रुप सम्मिलित करने की जो प्रेरणा है उसी को अपनाने पर प्रगति एवं सिद्धि का समस्त आधार केन्द्रीभूत हैं । नवरात्रि साधना को प्रखर बनाने और साधक की निष्ठा परिपक्व करने के लिए अनुष्ठानों में जो अनुब...