कांग्रेस राजकुमार की अस्वीकार्यता के लिए, चुनाव आयोग को बली का बकरा नहीं बनाया जा सकता - अरविन्द सिसोदिया

 प्रेस विज्ञप्ति 

भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान प्रारंभ

चुनावी हार की बौखलाहट में देश की संस्थाओं पर 'वोट चोरी' का कीचड़ उछालना कांग्रेस का सुनियोजित षड्यंत्र - भाजपा


स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर अविश्वास जताना कांग्रेस की राष्ट्रघाती और देश विरोधी मानसिकता का प्रमाण : कोटा संभाग मीडिया संयोजक

कांग्रेस राजकुमार की अस्वीकार्यता के लिए, चुनाव आयोग को बली का बकरा नहीं बनाया जा सकता - अरविन्द सिसोदिया 

कोटा 28 अक्टूबर । पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के प्रथम चरण का शंखनाद कर दिया गया है। इस अभियान की जरूरत इसलिए हुई कि कांग्रेस लगातार झूठ और भ्रम फैला कर सुनियोजित तरीके से भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। जबकि सच यह है कि कॉंग्रेस की अति तुष्टिकरण और राष्ट्रविरोधी नीतियों के कारण जनता नें उन्हे अस्वीकार कर रही है। " 

सिसोदिया नें कहा कि " कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के झूठ, भ्रम, तुष्टिकरण, नकारात्मकता और राष्ट्रविरोधी नीतियों की अति के चलते आज कांग्रेस और राहुल गांधी देश की मुख्यधारा से पूरी तरह कट चुके हैं और जनता के बीच सर्वथा अस्वीकार्य हैं।"

स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता, दिल्ली पर झूठे आरोप
प्रशासनिक ढांचे को बदनाम करने की साजिश

मीडिया संयोजक सिसोदिया ने कांग्रेस के झूठ की धज्जियां उड़ाते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक तथ्य देश के सामने रखा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी नाम को जोड़ने या हटाने का कार्य चुनाव आयोग के दिल्ली कार्यालय में नहीं होता है। यह संपूर्ण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है जो स्थानीय स्तर पर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी , जिला निर्वाचन अधिकारी  और प्रदेश चुनाव अधिकारियों की देखरेख में संपन्न होती है। हर एक नाम को हटाने से पहले नियमों के अनुसार बाकायदा भौतिक सत्यापन और साक्ष्य लिए जाते हैं। ऐसे में दिल्ली स्थित मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कार्यालय को इसके लिए दोषी ठहराना पूरी तरह निराधार है। 

सिसोदिया ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पर कीचड़ उछालकर कांग्रेस वास्तव में राज्यों और जिलों के उन हजारों निष्पक्ष प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की ईमानदारी पर सवाल उठा रही है जो दिन-रात लोकतंत्र को मजबूत करने में लगे हैं। इस तरह के झूठे आरोपों के द्वारा कांग्रेस पूरे देश के प्रशासनिक ढांचे को असत्य और अविश्वसनीय करार देने की एक राष्ट्रघाती और राष्ट्रविरोधी कार्यवाही कर रही है, जिसे देश का तंत्र कभी स्वीकार नहीं करेगा।

चुनावी विसंगतियों की आड़ में 'राष्ट्रीय संदर्भ' और वोट चोरी की नौटंकी

सिसोदिया नें कहा कि वर्तमान में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की शुद्धता के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत काटे गए फर्जी वोटों के वर्गीकरण (जैसे मृत मतदाताओं, दोहरी आईडी और अवैध घुसपैठियों के नाम हटाना) को कांग्रेस जानबूझकर "वोट चोरी" की नौटंकी के रूप में पेश कर रही है। लंबे समय बाद जब चुनाव आयोग ने तकनीकी रूप से मतदाता सूची को पूरी तरह साफ करने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया है, तब कांग्रेस अपनी वर्षों पुरानी चुनावी धांधली के नेटवर्क को ध्वस्त होता देख बौखला गई है। 

भाजपा ने वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक अरविंद सिसोदिया के कहा कि यह नौटंकी केवल खुद को राजनीतिक रूप से बचाए रखने और आगामी चुनावी शिकस्त का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने का एक हताश पैंतरा है। 

राहुल गांधी को खुश करने के लिए मर्यादाएं ताक पर

भाजपा मीडिया संयोजक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर आज वैचारिक शून्यता और घोर चाटुकारिता का माहौल है। पार्टी के नेता देश के बुनियादी मुद्दों पर बात करने के बजाय केवल इस होड़ में लगे रहते हैं कि शीर्ष नेतृत्व और विशेषकर राहुल गांधी को कैसे खुश किया जाए। राहुल गांधी की नजरों में खुद को बड़ा दिखाने की चाहत में कांग्रेस के नेताओं द्वारा अमर्यादित और हिंसक भाषा का प्रयोग करना एक स्थायी आदत बन चुकी है। कभी देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पूज्य माता-पिता जैसे गैर-राजनीतिक व्यक्तियों पर ओछी टिप्पणियां करना तो कभी देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को निशाना बनाना इसी मानसिक कुंठा का प्रतीक है।

तथ्यहीन आरोप और जमानत पर टिकी राजनीति
मीडिया को संबोधित करते हुए बताया गया कि राहुल गांधी द्वारा अब तक लगाए गए तमाम आरोप पूरी तरह से तथ्यहीन, काल्पनिक और प्रमाण रहित साबित हुए हैं। राफेल सौदा हो या पेगासस का कथित विवाद, देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा गहन जांच के बाद सरकार को क्लीन चिट मिलना इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि कांग्रेस केवल सनसनी और झूठ की राजनीति करती है। विडंबना यह है कि खुद को देश की व्यवस्था से ऊपर समझने वाले राहुल गांधी स्वयं 'मोदी सरनेम' मानहानि मामले सहित देश की विभिन्न अदालतों के मुकदमों में तकनीकी रूप से जमानत (Bail) पर बाहर हैं, जबकि उनके सारे आरोप हमेशा कोर्ट में खारिज हो जाते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ और संदिग्ध विदेश यात्राएं

भाजपा ने कांग्रेस की 'विलेन' जैसी भूमिका को उजागर करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा को अभेद्य बनाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल जैसे शीर्ष पदों को राजनीतिक कीचड़ में घसीटना और उन्हें व्यवस्था के खलनायक के रूप में पेश करना सीधे तौर पर देश की सुरक्षा प्रणालियों के मनोबल को तोड़ने का राष्ट्रविरोधी प्रयास है। इसके साथ ही, विदेशी धरती पर जाकर देश के लोकतंत्र, अल्पसंख्यकों और प्रेस की स्वतंत्रता का अपमान करना और बिना सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किए गोपनीय व संदिग्ध विदेश यात्राएं करना राहुल गांधी की देश के प्रति निष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

भाजपा मीडिया संयोजक ने अंत में कहा कि कोटा संभाग सहित पूरे देश की राष्ट्रभक्त जनता कांग्रेस की इस अराजक, विभाजनकारी और नकारात्मक भूमिका को भली-भांति समझ चुकी है। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के माध्यम से भाजपा कांग्रेस के हर झूठ और भ्रम का पर्दाफाश करेगी, क्योंकि जनता इस देश विरोधी और अमर्यादित राजनीति को पूरी तरह खारिज (अस्वीकार) कर चुकी है।

कि "कांग्रेस हमारे स्थानीय सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों (प्रशासनिक ढांचे) का अपमान कर रही है।" 

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