तुष्टिकरण और राष्ट्रविरोधी नीतियों की अति के चलते कांग्रेस और राहुल देश में अस्वीकार्य, वोट चोरी की नौटंकी अपने आपको बचाये रखने का षड्यंत्र - अरविन्द सिसोदिया


तुष्टिकरण और राष्ट्रविरोधी नीतियों की अति के चलते कांग्रेस और राहुल देश में अस्वीकार्य, वोट चोरी की नौटंकी अपने आपको बचाये रखने का षड्यंत्र - अरविन्द सिसोदिया

कोटा 27 अक्टूबर । भाजपा कोटा संभाग मीडिया संयोजक अरविन्द सिसोदिया नें कांग्रेस के अराजकतावादी चरित्र पर तीख प्रहार करते हुए कहा है कि " तुष्टिकरण और राष्ट्रविरोधी नीतियों की अति के चलते आज कांग्रेस और राहुल गांधी देश में पूरी तरह से अस्वीकार्य और अप्रासंगिक हो चुके हैं।" उन्होंने कहा कि " लगातार देश की जनता द्वारा अस्वीकार किये जानें से होनें वाली चुनावी हारों की सच्चाई को छुपाने के लिए, कांग्रेस  'वोट चोरी' का झूठा आरोप जबरदस्ती थोपनें की नौटंकी कर, वास्तव में खुद को राजनीतिक रूप से बचाए रखने का एक सुनियोजित षड्यंत्र रच रही है। " 

राहुल गांधी को खुश करने के लिए 'अमर्यादित आचरण' बना कांग्रेस की आदत

सिसोदिया ने कहा कि " कांग्रेस के भीतर आज वैचारिक शून्यता की स्थिति है। पार्टी नेतृत्व और प्रमुख नेतागण राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर बहस करने के बजाय केवल इस होड़ में लगे रहते हैं कि शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी को कैसे खुश किया जाए। राहुल गांधी की नजरों में नंबर बढ़ाने की इसी चाहत के चलते कांग्रेस में अमर्यादित और 'बदतमीजी' की भाषा का इस्तेमाल करना एक स्थायी आदत बनती जा रही है। राजनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के माता-पिता जैसे गैर-राजनीतिक व्यक्तियों पर ओछी टिप्पणियां करना भी इसी कुंठा का प्रमाण है।"

संवैधानिक संस्थाओं पर हमला खुद को बचाने का षड्यंत्र

सिसोदिया नें कहा कि " राहुल गांधी द्वारा संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना उनकी पुरानी फितरत रही है। हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध "वोट चोरी" की नौटंकी रचना, उनसे इस्तीफे की मांग करना और उन्हें "सरकारी गवाह" बनने जैसी अमर्यादित सलाह देना, वास्तव में अपनी चुनावी विफलताओं पर पर्दा डालने का पैंतरा मात्र है। विपक्ष हमेशा से अपनी संभावित हारों का ठीकरा फोड़ने के लिए पहले से ही कभी ई व्ही एम, कभी वोट चोरी तो कभी चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने लगता है।"

तथ्यहीन आरोप और जमानत पर टिकी राजनीति

सिसोदिया ने कहा कि " राहुल गांधी द्वारा अब तक लगाए गए तमाम आरोप पूरी तरह से तथ्यहीन और प्रमाण रहित साबित हुए हैं। राफेल सौदा हो या पेगासस का काल्पनिक विवाद, देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा जांच के बाद सरकार को क्लीन चिट मिलना इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि राहुल गांधी केवल सनसनी फैलाने की राजनीति करते हैं। विडंबना यह है कि खुद को देश की संस्थाओं से ऊपर समझने वाले राहुल गांधी स्वयं 'मोदी सरनेम' मानहानि मामले सहित देश की विभिन्न अदालतों के मुकदमों में तकनीकी रूप से जमानत पर हैं।"

राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ और संदिग्ध विदेश यात्राएं

कांग्रेस की नकारात्मक और 'विलेन' जैसी भूमिका पर प्रहार करते हुए सिसोदिया ने कहा कि " देश की सुरक्षा को मजबूत करने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल जैसे शीर्ष पदों को राजनीतिक कीचड़ में घसीटना और उन्हें व्यवस्था के खलनायक के रूप में पेश करना राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के मनोबल को तोड़ने का देश विरोधी प्रयास है। इसके साथ ही, विदेशी धरती पर जाकर देश के लोकतंत्र, अल्पसंख्यकों और प्रेस की स्वतंत्रता का अपमान करना और बिना सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किए गोपनीय व संदिग्ध विदेश यात्राएं करना राहुल गांधी की कार्यशैली को गहरे संदेह के घेरे में खड़ा करता है।" 

सिसोदिया ने  कहा कि " देश की राष्ट्रभक्त जनता कांग्रेस की इस नकारात्मक, विभाजनकारी और विलेन जैसी भूमिका को भली-भांति समझ चुकी है, यही कारण है कि भारतीय मुख्यधारा की राजनीति में कांग्रेस आज पूरी तरह अप्रासंगिक और देशवासियों के लिए सर्वथा अस्वीकार्य हो चुकी है।"

भवदीय 
अरविन्द सिसोदिया
9414180151

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