मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व से संवर रहा राजस्थान, गांव, ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार - अरविन्द सिसोदिया

प्रेस विज्ञप्ति

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व से संवर रहा राजस्थान, गांव, ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार - अरविन्द सिसोदिया 

कोटा 22 अक्टूबर । राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया नें ग्रामीण सरकार में भाजपा प्रत्यासियों के पक्ष में मतदान का आव्हान करते हुये कहा कि " राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास और किसानों की समृद्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुदृढ़ नेतृत्व में राज्य की 'डबल इंजन' सरकार निरंतर ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठा रही है। दशकों से लंबित सिंचाई व जल परियोजनाओं को धरातल पर उतारने से लेकर ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तक, दोनों नेताओं के साझा संकल्पों ने प्रदेश के ग्रामीण परिदृश्य को एक नई दिशा दी है।" 

जल प्रबंधन और सिंचाई में ऐतिहासिक उपलब्धियां

सिसोदिया नें कहा कि " राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र के समन्वय से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी), यमुना जल समझौता और नर्मदा जल समझौते को गति दी है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच ₹35,300 करोड़ से अधिक की पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना की आधारशिला रखी गई है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए 17 जिलों को कवर करने वाले 'रामजल सेतु लिंक प्रोजेक्ट' पर तेजी से काम चल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत अब तक 63 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल का कनेक्शन दिया जा चुका है, जबकि खेतों में जल संचयन के लिए 18,000 फार्म पॉन्ड और 8,000 डिग्गियों का निर्माण किया जा रहा है।"

किसान कल्याण और वित्तीय सुरक्षा

सिसोदिया नें बताया कि " अन्नदाताओं को आर्थिक संबल देने के लिए भजनलाल शर्मा सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत राजस्थान में दी जाने वाली वित्तीय सहायता को बढ़ाकर ₹9,000 वार्षिक कर दिया है। इसके साथ ही, किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य ( एम एस पी ) पर ₹150 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत देने के लिए वर्तमान में 26 जिलों में दिन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिसे वर्ष 2027 तक पूरे राज्य में लागू करने का लक्ष्य है। पीएम-कुसुम योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा और पीएम फसल बीमा योजना के तहत ₹35,000 करोड़ से अधिक का वितरण कर किसानों को जोखिम-मुक्त किया गया है।"

ग्रामीण बुनियादी ढांचा और आवास

सिसोदिया नें कहा कि " ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए 'विकसित भारत ग्राम ( व्हीबी -जी रामजी जी ) योजना' के तहत राज्य को ₹445 करोड़ जारी किए गए हैं, जिससे स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर ग्रामीण संपत्तियों का निर्माण हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 'अटल प्रगति पथ योजना' के अंतर्गत 5,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में सीमेंट-कंक्रीट की सड़कों और राज्य भर में 3,219 किमी से अधिक ग्रामीण सड़कों का विकास किया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रदेश में 34 लाख से अधिक पक्के मकान बनाकर गरीबों को सौंपे जा चुके हैं।"

महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता और डिजिटल पंचायतें

सिसोदिया नें कहा कि " ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राज्य में 42,000 से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बनकर उभर रही हैं। उज्ज्वला योजना के माध्यम से 75 लाख से अधिक निम्न-आय वाले ग्रामीण परिवारों को सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर दिए जा रहे हैं।" 

उन्होंने बताया कि " स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत राजस्थान के गांवों में 89 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कर 43,000 से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस का दर्जा दिलाया गया है। 'सशक्त गांव, समृद्ध राजस्थान' के संकल्प के साथ राज्य सरकार पंचायतों का डिजिटलीकरण कर रही है और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए 'ग्राम विकास चौपाल' मॉडल लागू किया गया है। इसके अलावा, स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के मालिकाना हक के दस्तावेज (प्रॉपर्टी कार्ड) सौंपे जा रहे हैं, जिससे वे वित्तीय लाभ ले सकें।"

ट्रिपल इंजन की सरकार बनाएं 

डबल इंजन सरकार के इन दूरदर्शी और जनकल्याणकारी निर्णयों से राजस्थान का ग्रामीण क्षेत्र आत्मनिर्भरता और विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। इसे और सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण सरकार हेतु भाजपा प्रत्यासियों को चुनें।


भवदीय 

अरविन्द सिसोदिया 
9414180151


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प्रेस विज्ञप्ति

प्रधानमंत्री मोदी के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व से संवर रहे राजस्थान के गांव, ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में हुआ ऐतिहासिक सुधार

कोटा 22 अक्टूबर। राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास और किसानों की समृद्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुदृढ़ नेतृत्व में राज्य की 'डबल इंजन' सरकार निरंतर ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठा रही है। दशकों से लंबित सिंचाई व जल परियोजनाओं को धरातल पर उतारने से लेकर ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तक, दोनों नेताओं के साझा संकल्पों ने प्रदेश के ग्रामीण परिदृश्य को एक नई दिशा दी है।
जल प्रबंधन और सिंचाई में ऐतिहासिक उपलब्धियां
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र के समन्वय से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP), यमुना जल समझौता और नर्मदा जल समझौते को गति दी है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच ₹35,300 करोड़ से अधिक की पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना पर काम तेज हो गया है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए 17 जिलों को कवर करने वाले 'रामजल सेतु लिंक प्रोजेक्ट' और 'मेजा फीडर नवीनीकरण' जैसी सिंचाई परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत अब तक 63 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल का कनेक्शन दिया जा चुका है, जबकि खेतों में जल संचयन के लिए हजारों फार्म पॉन्ड और डिग्गियों का निर्माण किया जा रहा है।
किसान कल्याण और वित्तीय सुरक्षा
अन्नदाताओं को आर्थिक संबल देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि' और 'पीएम किसान सम्मान निधि' को जोड़कर राजस्थान में दी जाने वाली वित्तीय सहायता को ₹9,000 वार्षिक कर दिया है। हाल ही में सरकार ने डीबीटी के माध्यम से 70 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹700 करोड़ की दूसरी किस्त का सीधा भुगतान किया है। इसके साथ ही, किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ₹150 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री धान-धान्य कृषि योजना के तहत फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिला है। किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत देने के लिए वर्तमान में 26 जिलों में दिन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिसे वर्ष 2027 तक पूरे राज्य में लागू करने का लक्ष्य है।
ग्रामीण बुनियादी ढांचा और रोजगार के नए आयाम
ग्रामीण अवसंरचना और रोजगार गारंटी को ऐतिहासिक मजबूती देते हुए केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) योजना' (पूर्ववर्ती मनरेगा का नया स्वरूप) के तहत राजस्थान में ग्रामीण रोजगार के लिए रिकॉर्ड ₹11,581 करोड़ से अधिक का सर्वाधिक आवंटन किया गया है। इसके अलावा, 'विकसित भारत ग्राम (VB-GRAM G) योजना' के तहत जारी राशि में से विकास कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा सुधारने के लिए ₹32,948 करोड़ के ऐतिहासिक ग्रामीण विकास बजट के साथ कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। 'अटल प्रगति पथ योजना' के अंतर्गत 5,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में सीमेंट-कंक्रीट की सड़कों और बजट घोषणाओं के अनुरूप हजारों किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कों का विकास किया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रदेश में 34 लाख से अधिक पक्के मकान बनाकर गरीबों को सौंपे जा चुके हैं।
महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता और डिजिटल पंचायतें
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राज्य में 42,000 से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बनकर उभर रही हैं। उज्ज्वला योजना के माध्यम से 75 लाख से अधिक निम्न-आय वाले ग्रामीण परिवारों को सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर दिए जा रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत राजस्थान के गांवों में 89 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण कर 43,000 से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस का दर्जा दिलाया गया है। 'सशक्त गांव, समृद्ध राजस्थान' के संकल्प के साथ राज्य सरकार पंचायतों का डिजिटलीकरण कर रही है और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए मुख्यमंत्री की अनूठी पहल 'ग्राम विकास चौपाल' मॉडल लागू किया गया है, जिसकी सराहना केंद्रीय स्तर पर भी की गई है। इसके अलावा, स्वामित्व (SVAMITVA) योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के मालिकाना हक के दस्तावेज (प्रॉपर्टी कार्ड) सौंपे जा रहे हैं, जिससे वे वित्तीय लाभ ले सकें।



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प्रेस विज्ञप्ति

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान के ग्रामीण विकास, जल प्रबंधन और किसान कल्याण को मिल रही नई गति — अरविन्द सिसोदिया

कोटा, 22 अक्टूबर 2026। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन न्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास, किसानों की समृद्धि और ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण सरकार के चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से राजस्थान के गांवों में विकास की नई संभावनाएं साकार हो रही हैं।

सिसोदिया ने कहा कि जल संकट का समाधान, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों की आर्थिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़कों का निर्माण, आवास, महिला सशक्तिकरण और पंचायतों का आधुनिकीकरण ग्रामीण विकास के प्रमुख आधार हैं। इन क्षेत्रों में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के माध्यम से निरंतर काम किया जा रहा है।

जल प्रबंधन और सिंचाई परियोजनाओं को गति

सिसोदिया ने कहा कि राजस्थान जैसे जलाभाव वाले राज्य के लिए जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और दीर्घकालीन जल सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। इसी दिशा में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल परियोजना और नर्मदा परियोजना जैसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना से संबंधित विकास कार्यों को भी राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और पेयजल तथा सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने में सहायता देना है।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, केवल कनेक्शन उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है; नियमित जलापूर्ति, जल स्रोतों की स्थिरता और योजनाओं के रखरखाव पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

किसान कल्याण और आर्थिक सुरक्षा

सिसोदिया ने कहा कि किसान राजस्थान की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन की आधारशिला हैं। किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने तथा कृषि को मौसम और बाजार संबंधी जोखिमों से सुरक्षित करने के लिए प्रभावी नीतियां आवश्यक हैं।

राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत राजस्थान में पात्र किसानों को मिलने वाली वार्षिक सहायता ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक संबल देने वाला कदम बताया।

उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि विद्युत आपूर्ति में सुधार, सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंपों और फसल बीमा जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों के हित में महत्वपूर्ण है। किसानों को इन योजनाओं का लाभ समय पर मिले तथा उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो, इसके लिए ग्राम पंचायतों की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।

ग्रामीण सड़कें, आवास और बुनियादी सुविधाएं

सिसोदिया ने कहा कि गांवों में गुणवत्तापूर्ण सड़कें, आवास, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना ग्रामीण विकास की प्राथमिकता होनी चाहिए।

राजस्थान की अटल प्रगति पथ योजना के अंतर्गत गांवों में सीमेंट-कंक्रीट सड़कों के निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण संपर्क मार्गों के विकास और दूरस्थ बस्तियों को जोड़ने का कार्य महत्वपूर्ण है।


उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण का उल्लेख करते हुए कहा कि जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने से उनके जीवन में सुरक्षा और सम्मान की भावना मजबूत होती है। आवास निर्माण की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति और वास्तविक रूप से पूर्ण हुए मकानों के आंकड़ों में स्पष्ट अंतर रखा जाना चाहिए, ताकि योजनाओं की उपलब्धियों का सही आकलन हो सके।

महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ गांव

सिसोदिया ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना समृद्ध राजस्थान के निर्माण के लिए आवश्यक है। स्वयं सहायता समूहों, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाओं को आजीविका, कौशल विकास और उद्यमिता के अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना से स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने तथा स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण से गांवों में स्वच्छता और बेहतर स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार को प्रोत्साहन मिला है। अब गांवों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ सार्वजनिक स्थानों और इन सुविधाओं के नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

डिजिटल पंचायतें और जवाबदेह ग्रामीण शासन

सिसोदिया ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए डिजिटल सेवाओं, संपत्ति संबंधी अभिलेखों, ग्राम स्तरीय बैठकों और शिकायत निवारण की व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ग्राम विकास चौपाल जैसे संवाद आधारित प्रयासों से ग्रामीण नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सकता है। पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाएं बनाने तथा उनके क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने पर विशेष जोर देना चाहिए।

ग्रामीण विकास के लिए सक्षम पंचायतें बनाएं

सिसोदिया ने कहा कि राजस्थान के गांवों का भविष्य मजबूत बुनियादी सुविधाओं, समृद्ध किसानों, आत्मनिर्भर महिलाओं, स्वच्छ वातावरण और जवाबदेह पंचायत व्यवस्था से जुड़ा है। केंद्र एवं राज्य सरकार की विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए स्थानीय निकायों की सक्रियता और जनभागीदारी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने ग्रामीण मतदाताओं से अपील की कि वे अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं, प्रत्याशियों की कार्यक्षमता, ईमानदारी और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए मतदान करें तथा ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने वाले भाजपा प्रत्याशियों को समर्थन दें।

भवदीय,
अरविन्द सिसोदिया
शिक्षा प्रोत्साहन न्यासी, राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल
मोबाइल: 9414180151


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