कांग्रेस की बेतुकी मांग ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, अति तुष्टिकरण के कारण जनता की नजर से उतरी — अरविन्द सिसोदिया

प्रेस विज्ञप्ति

कांग्रेस की बेतुकी मांग ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, अति तुष्टिकरण के कारण जनता की नजर से उतरी  — अरविन्द सिसोदिया

कोटा, 2 अक्टूबर। भाजपा के कोटा संभाग मीडिया संयोजक एवं राजनीतिक विश्लेषक और प्रखर विचारक अरविन्द सिसोदिया ने मतदाता सूचियों में हेरफेर का आरोप लगाने वाले कांग्रेस और विपक्ष के दावों पर करारा हमला बोला है। सिसोदिया ने कांग्रेस की मांगों को पूरी तरह अतार्किक और हास्यास्पद बताते हुए कहा, "कांग्रेस की मांग तो ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, भला दुनिया से जा चुके 2 करोड़ मृत नागरिकों को मतदाता सूची में वापस कहाँ से लाया जाएगा?"

उन्होंने सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया चैनलों पर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का पर्दाफाश करते हुए कहा कि अपनी चुनावी विफलताओं को छिपाने के लिए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का फर्जी नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। जबकि ये नाम मृत, निवास छोड़ चुके, दोहरे नाम वालों के हैं, जो बूथ स्तर पर बीएलओ के द्वारा निरीक्षण से कटे हैं। इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त सीधे तौर पर कतई जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि कोई त्रुटि रही भी है तो उसके लिए कांग्रेस के बीएलए भी बराबर के जिम्मेदार हैं।

मृतकों को जिंदा करने की जिद हास्यपद 

अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण (रिवीजन) एक निरंतर चलने वाली कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया है। पिछले कुछ वर्षों में देश में जिन लगभग 2 करोड़ नागरिकों से अधिक की स्वाभाविक मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम पुनः जोड़ने की मांग शुद्ध दिमागी दिवालियापन है। इसी तरह जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया है, उनके नाम नियमानुसार सूची से हटाए ही जाने हैं, वे पुनः कैसे जुड़ सकते हैं। कांग्रेस अब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने की मांग कर रहीं है जिनमें दो करोड़ नागरिक मृत हैँ। उन मृत लोगों के नाम दोबारा जोड़ना पूरी तरह असंभव और हास्यास्पद है।

संवैधानिक संस्थाओं पर हमला, लगातार हार की हताशा

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने 'विफल नेतृत्व' को बचाने और अपनी तय हार का बहाना ढूंढने के लिए विश्वभर में सर्वश्रेष्ठ माने जाने वाले भारत निर्वाचन आयोग जैसी देश की सर्वोच्च और निष्पक्ष स्वायत्त संस्थाओं पर कीचड़ उछाल रही है। जब भी विपक्ष चुनाव हारता है, वह कभी ईवीएम तो कभी मतदाता सूची का रोना रोकर देश के लोकतंत्र को वैश्विक मंच पर बदनाम करने की साजिश रचता है।

फर्जी आंकड़ों से जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास

सिसोदिया ने चेतावनी दी कि करोड़ों मतदाताओं के नाम गायब होने का दुष्प्रचार देश की जनता के साथ धोखा है। और कांग्रेस के पास बूथ लेवल पर संगठन नहीं होने का प्रमाण भी है। चुनाव आयोग का सारा काम राज्य सरकारों के स्थानीय बीएलओ करते हैं। यह सिस्टम स्पष्ट और पूरी पारदर्शिता के साथ काम करता है, जिसमें राजनीतिक दलों को भी सूचियों के निरीक्षण, दावे और आपत्ति का मौका मिलता है। लेकिन रचनात्मक राजनीति करने के बजाय कांग्रेस केवल नकारात्मकता और भ्रम फैलाने में जुटी है।

अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस अति तुष्टिकरण की राजनीति से बहुसंख्यक समाज की नजर से उतर गई है, नागरिकों ने उन्हें वोट देना बंद कर दिया है। इसलिए कांग्रेस को अपनी गिरेबान में झाँक कर देखना चाहिए।

भवदीय
अरविन्द सिसोदिया
मोबाइल: 9414180151



टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

जर्मनी नें आंतरिक सुरक्षा हेतु 10 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की

एक ईसा, एक बाइबल, लेकिन ईसाइयों में भी हैँ बहुतसारी भिन्नतायें

चुनाव आयोग को चोर कहना, पूरे शासनतंत्र को अपमानित करना है, संविधान विपक्ष को इस तरह की गिरी हुई हरकतों की अनुमति नहीं देता

भारत की 80 करोड़ से अधिक आबादी मेटा की पकड़ में है....?

7 अक्टूबर: मोदीजी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण

स्टारलिंक Starlink

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता फैलाकर और जनता को गुमराह करके सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है - शिवराज सिंह चौहान

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की अनिवार्य जबाबदेही है — अरविन्द सिसोदिया