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भाजपा गांव, गरीब और किसान के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध:— मदन राठौड़

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प्रेस विज्ञप्ति सादर प्रकाशनार्थ  भाजपा गांव, गरीब और किसान के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध:— मदन राठौड़  ...................... भाजपा राज में किसानों को किसान सम्मान निधि के तौर पर मिलें 17 हजार करोड़ रुपए:— मदन राठौड़  ........................  भाजपा का प्रयास पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को मिले बढ़ावा:— मदन राठौड़  ............................. जयपुर 21 अक्टूबर 2026। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को आर्थिक सहायता, ब्याजमुक्त फसली ऋण, प्राकृतिक आपदाओं में राहत तथा कृषि निवेश के अवसर उपलब्ध करवाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव केवल जनप्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि गांवों के विकास, किसानों की खुशहाली और ग्रामीण राजस्थान के भविष्य को नई दिशा देने का अवसर हैं। भाजपा का संकल्प है कि गांवों में विकास क...

हर साल रावण कद बढ़ाता कमीशन के चक़्कर में

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कविता   हर साल रावण कद बढ़ाता कमीशन के चक़्कर में - अरविन्द सिसोदिया  हर साल रावण कद बढ़ाता है, कमीशन के चक़्कर में! हर साल रावण जलता है, रंग-बिरंगी लपटों के आँगन में, रावण को लेकर छपती खबरें चुटकीले अंदाजों में, हर साल रावण कद बढ़ाता है, कमीशन के चक़्कर में!   ---1--- राम ठिठके छोटे से, सोचते यह कैसा रावण दहन है! भ्रष्टाचार की विजय का यह महिमामंडन है, बिलिंग और पेमेंट की धधकती ज्वाला है,  इसी का यह रंग-बिरंगा उजियारा है।  ---2--- सुनहरे दावे, मीठे भाषण, पर काम असली रावण का, अट्टहास का रावण कहता, सब कुछ मेरे पाले में । रिश्वत, लालच, स्वार्थ सब बसता, आयोजन में, सत्य की आँखें झपकी हैं, धर्म चुपचाप खड़ा धमाकों में।  ---3--- चलो आज प्रतिज्ञा करें, बाहर और भीतर के रावण को जलाएँंगे, भ्रष्टाचार और लालच को पोल खोल मिटाएँंगे। राम का कद बढ़े, लक्ष्मण सा हो भाईचारा, अब न कोई दशरथ मरें, न भटके सीता माता। अपनत्व के बंधन को बढ़ाएँ, यही धर्म की गाथा। ----4--- हर साल रावण क्यों बढ़े? हम देखें कद श्रीराम का, सत्य, धर्म और ईमानदारी के राजसिंहासन का। विजय तो ...

27 देशों में पढ़ने वाले भारतीय मूल के छात्र बोले,भारत को अराजकता से बचाएं

'भारत को अराजकता से बचाएं', ECI के सपोर्ट में आए 27 देशों में पढ़ने वाले भारतीय मूल के छात्र 27 देशों के 400 से ज्यादा भारतीय मूल के छात्रों, शोधकर्ताओं और पूर्व विद्यार्थियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शनों की आलोचना की है. 'स्पेयर इंडिया फ्रॉम एनार्की' शीर्षक से जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे प्रदर्शन संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा कमजोर करते हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की वैधता पर सवाल खड़े करते हैं. 19 अक्टूबर 2026, भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्ष के लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों पर वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. दुनिया के 27 देशों की यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले और वहां से पास हो चुके 400 से अधिक भारतीय मूल के छात्रों, शोधकर्ताओं और पूर्व छात्रों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इन प्रदर्शनों की निंदा की है.  'स्पेयर इंडिया फ्रॉम एनार्की' यानी 'भारत को अराजकता से बचाएं' शीर्षक से जारी इस संयुक्त बयान में छात्रों ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को चुनौती देने के लिए सड़क पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों के इस्तेमा...

राष्ट्रहित सर्वोपरि : सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स के भ्रामकता फैलाओ एजेंडे पर लगाम जरूरी - अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति  राष्ट्रहित सर्वोपरि : सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स के भ्रामकता फैलाओ एजेंडे पर लगाम जरूरी - अरविन्द सिसोदिया  कोटा 21 अक्टूबर। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि " भारत सहित पूरा विश्व एलन मस्क के भारत के प्रति दबाब और जोरजबरदस्ती के इरादे को जान चुकी है। उनकी सोसल मीडिया प्लेटफार्म्स द्वारा भारत की मोदी सरकार के विरुद्ध चलाये जा रहे निगेटिव नैरेटिव भी इसी अभियान का हिस्सा हैँ, वहीं देश भली प्रकार से अमेरिकी से चल रहे भारत को अस्थिर करने के षड्यंत्र को समझ चुका है। इसलिए भारत सरकार को राष्ट्रहित में इन षड्यंत्रकारीयों पर लगाम कसनी चाहिए और भारत में दुष्प्रेरित सोसल मीडिया सेवाओं को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि " चीन और रूस भी इन कंपनियों के बगैहर विश्वशक्ति बने हुये हैँ, इसी तरह भारत को भी स्वदेशी संसाधनों की और बढ़ना चाहिए। " सिसोदिया ने कहा कि " डिजिटल युग में सूचनाओं का प्रवाह जितनी तेजी से बढ़ा है, देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता के सामने उतनी ही ब...

भारत का परमवैभव तथा विश्वगुरुत्व हम में से प्रत्येक के पुरुषार्थ से सिद्ध होने वाला है – डॉ. मोहन भागवत जी

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India’s supreme glory and its role as a global guide (*Vishwaguru*) will be realized through the dedicated efforts of each one of us – Dr. Mohan Bhagwat VSK Bharat October 20, 2026 श्री विजयादशमी उत्सव, नागपुर (आश्विन शु. 10 युगाब्द 5128 – मंगलवार दिनांक 20 अक्तूबर 2026) नागपुर – श्री विजयादशमी उत्सव 2026 में सरसंघचालक मोहन भागवत जी का उद्बोधन :- भारत का परमवैभव तथा विश्वगुरुत्व हम में से प्रत्येक के पुरुषार्थ से सिद्ध होने वाला है – डॉ. मोहन भागवत जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी के कार्यक्रमों के समापन के अवसर पर विजयादशमी उत्सव मनाने के लिए हम आज यहां एकत्रित हैं। यह वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के 650 वे जन्म जयंती वर्ष के निमित्त कार्यक्रमों का वर्ष है। संघ शाखाओं में भी इस अवसर पर संत रविदास जी के जीवन और कार्य की जानकारी देने वाले कार्यक्रम हो रहे हैं। उनके द्वारा परिश्रम, तपस्या, त्याग, व स्वयं के जीवन के उदाहरण से समाज में भक्ति, स्वधर्मनिष्ठा तथा सामाजिक समरसता का भाव जागरण, ऐसे समय किया गया, जब देश विदेशी आक्रान्ताओं के एतद्देशीय धर्म को मानने वाले देशव...

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष समापन कार्यक्रम 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष (100 साल पूरे होने) के समापन के ऐतिहासिक अवसर पर, 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर के रेशिमबाग मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत  ने अपना वार्षिक संबोधन दिया।  कार्यक्रम में दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।   सरसंघचालक मोहन भागवत के 2026 के विजयादशमी संबोधन के मुख्य बिंदु और बड़े संदेश निम्नलिखित हैं:- 1. वैश्विक और आंतरिक चुनौतियाँ (रिजीम चेंज की साजिशें) • विदेशी ताकतों का हस्तक्षेप: मोहन भागवत ने कहा कि पश्चिम से चली एक आंधी दुनिया भर की सभ्यता, सांस्कृतिक मूल्यों और मानवीय संस्कारों को नष्ट करना चाहती है। उन्होंने बांग्लादेश, फ्रांस और अल्बानिया जैसे देशों का उदाहरण देते हुए सचेत किया कि भारत में भी ऐसी ही अस्थिरता (रिजीम चेंज या सत्ता परिवर्तन) पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं ताकि अपने पिट्ठुओं को बैठाया जा सके।   • देश को तोड़ने की साजिश: उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ आंतरिक और बाहरी तत्व अपने स्वार्थ के लिए समाज को आपस में बांटने का काम कर र...

मेटा और मस्क का भारतीय संप्रभुता विरोधी रवैया बड़ा खतरा, इन्हें राष्ट्रीय शत्रु घोषित किया जाये - अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति मेटा और मस्क का भारतीय संप्रभुता विरोधी  रबेय्या,भारत की संप्रभुता को बड़ा खतरा, देशवासियों को सावधान रहना होगा — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 18 अक्टूबर। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन न्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि " भारत को विदेशी तकनीकी कंपनियों के व्यावसायिक दावों के पीछे छिपे शत्रुतापूर्ण सामरिक खतरों को गंभीरता से समझना होगा और सभी देशवासियो को इन षड्यंन्त्रों के विरुद्ध सावधान रहना होगा। वहीं केंद्र सरकार इन्हें राष्ट्रीय शत्रु घोषित करे। " उन्होंने कहा कि " दुनिया में बदलते युद्धों के स्वरूप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आज किसी भी देश की संप्रभुता केवल उसकी सीमाओं, सेना और हथियारों से सुरक्षित नहीं रहती, बल्कि उसके संचार तंत्र, इंटरनेट क्षमता, उपग्रह नेटवर्क, डिजिटल ढांचे और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर भी निर्भर करती है।" उन्होंने कहा कि " भारत पहले ही मेटा सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और एप्स के जरिये फैलाए जाने वाले झूठ और अराजकतावादी प्रचार, भ्रामक सूचनाओं और संगठित दुष्प्रचार की चुनौतियों का...

कांग्रेस सहित विपक्षी दल जमीनीस्तर पर नाकाम हैँ और अपनी नाकामी का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ते हैँ - सिसोदिया

राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन न्यासी और टिप्पणीकार अरविन्द सिसोदिया ने विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि राजनीतिक दल अपनी बूथ स्तर की निष्क्रियता और संगठनात्मक कमजोरियों का ठीकरा चुनाव आयोग के माथे नहीं मढ़ सकते।  सिसोदिया का यह बयान हाल ही में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) और चुनाव प्रक्रियाओं को लेकर विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों के जवाब में आया है।  अरविन्द सिसोदिया के बयान के मुख्य बिंदु • प्रशासनिक तंत्र और जनादेश का अपमान: सिसोदिया ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाना वास्तव में देश के जनमत, संविधान और चुनावी प्रक्रिया में दिन-रात लगे लाखों सरकारी कर्मचारियों की निष्ठा का सीधा अपमान है।  • जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत: उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव केवल दिल्ली में बैठे मुख्य चुनाव आयुक्त या आयोग नहीं कराता। इसमें जमीनी स्तर पर बीएलओ (Booth Level Officers), पीठासीन अधिकारी और स्थानीय प्र...

सारा तमाशा गैर कानूनी वोटों का मतदाता सूची में बनाये रखने का है - अरविन्द सिसोदिया

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देश के युवाओं का भविष्य किसी भी घुसपेठियों को नहीं निगलने देंगे — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 16 अक्टूबर। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन न्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग पर किए जा रहे आक्रमण और डराने धमकाने की कोशिशों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, “सारा तमाशा गैरकानूनी वोटों को अपने फायदे के लिए मतदाता सूची में बनाए रखने का है, किन्तु भारत की युवाशक्ति अब घुसपैठियों को कतई स्वीकार नहीं करेगी।” उन्होंने कहा कि, “चुनाव आयोग का विरोध कर रहे दलों में कोई यह नहीं कह रहा कि गैरकानूनी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएँ। कोई भी विपक्षी दल यह नहीं कह रहा कि भारत के युवाओं का भविष्य निगलने की कोशिश कर रही अवैध घुसपैठ रोकी जाए तथा अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएँ। जबकि यह उनका प्रथम कर्तव्य है।” सिसोदिया ने कहा कि, “किसी भी लोकतांत्रिक देश में सरकार चुनने का अधिकार केवल और केवल वहाँ के वैध नागरिकों को होता है। लेकिन पिछले कुछ समय से भारत में मतदाता सूचियों में विदेशी...
दिनांक – 14/10/2026 सेवा में, मुख्य कार्यकारी अधिकारी महोदय, गुना नगर पालिका परिषद, गुना हनुमान चौराहा, हाट रोड, गुना, म.प्र. पिनकोड – 473001 ईमेल: info@nagarpalikaguna.com विषय – श्रीमती कमलादेवी पत्नी स्व भूपेंद्र सिंह जी के नाम अंकित, गुना नगर पालिका परिषद, गुना की दुकान क्रमांक 36, शास्त्री पार्क के पास स्थित दुकान के किसी भी प्रकार के हस्तांतरण पर स्थायी स्टे लगाकर, दुकान बेच कर संपत्तिक हेरफेर के षड्यंत्र को समाप्त करने एवं आवेदक के हक की सुरक्षा प्रदान करने के संदर्भ में। मान्यवर, 1. मेरे पिता स्व. भूपेन्द्र सिंह सिसौदिया पुत्र समन्दर सिंह जी के नाम पर शास्त्री पार्क के पास स्थित नगर पालिका परिषद की दुकान क्रमांक 36 आवंटित थी। मेरे पिताश्री भूपेन्द्र सिंह जी का निर्वसीयत निधन 20 दिसंबर 2016 को हो गया था। उनके आठ प्रथम श्रेणी के उत्तराधिकारी हैं, यथा धर्मपत्नी कमलादेवी, पुत्रगण अरविन्द सिंह, स्व. हेमंत सिंह, विश्वजीत सिंह, सत्यजीत सिंह, प्रशांत सिंह,सिद्धार्थ सिंह एवं पुत्री वसुंधरा सिंह। स्व भूपेंद्र सिंह जी की अन्य स्थाई संपत्ति के नामांतरण सभी उपरोक्त आठ उत्तराधिकारीयों के नाम...

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की अनिवार्य जबाबदेही है — अरविन्द सिसोदिया

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भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की अनिवार्य जबाबदेही है  — अरविन्द सिसोदिया वर्तमान कांग्रेस और उसके ही प्रतिस्पर्धी कुछ दलों में, इस समय असंवैधानिकता, झूठ और भ्रम पर आधारित नौटंकी खड़ी करने की प्रतिस्पर्धा चल रही है, इन दलों को जनता नें सिरे से नकार दिया है और ये बिना वोट से जीते ही, शासक बनना चाहते हैँ। इनकी इस बेतुकी जिद और बदतमीजी से, पूरे देश में ही नहीं, विश्व में भी भारतीय विपक्ष मज़ाक बनकर रह गया है। सर्वोच्च न्यायलय के मुख्य न्यायाधीश तक से मिलने की, मर्यादाहीन कोशिश के बाद, देश को समझ आरहा है कि देश किस स्तरहीनता के चक्रब्यूह में फंस गया है। संवैधानिक संस्थाओं को सावचेत रहना होगा  नेता प्रतिपक्ष की फ्रंट पेज पर छपने की इस बीमारी में देश के दिन-प्रतिदिन के ज़रूरी कार्यों सहित  विकास और व्यवस्था बाधित हो रही है, संवेधानिक तंत्रो को जनता की सेवा की जगह, बेबुनियाद नौटंकियों में उलझाया जा रहा है। सबसे गलत यह है कि इसे जबरिया दल और जनता पर थोपा जा रहा है। वहीं देश की गरिमा और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान का निहित स्वार्थों हेतु मानमर्दन ...