जर्मनी नें आंतरिक सुरक्षा हेतु 10 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की

जर्मनी की संघीय कैबिनेट द्वारा 16 सितंबर 2026 को मंजूर किए गए 10-सूत्रीय कार्यक्रम ("सुरुक्षा बढ़ाना, स्वतंत्रता बनाए रखना, कट्टरपंथ रोकना") पर विस्तृत रिपोर्ट इस प्रकार है: 
EU आतंकवाद के विरुद्ध उपाय
## 1. पृष्ठभूमि और तात्कालिक कारण (The Trigger)
यह विस्तृत सुरक्षा पैकेज 25 जुलाई 2026 को बर्लिन में क्रिस्टोफर स्ट्रीट डे (CSD) परेड (प्राइड इवेंट) पर हुए एक भीषण आतंकवादी हमले की सीधी प्रतिक्रिया के रूप में लाया गया है। 
* हमला: एक 21 वर्षीय इस्लामी चरमपंथी अब्दुल बी. (Abdul Ballout) ने प्राइड परेड की भीड़ में एक वैन घुसा दी थी, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। 
* सुरक्षा चूक: बाद में पुलिस कार्रवाई में मारा गया यह हमलावर पहले से ही खुफिया एजेंसियों की रडार पर था और एक कट्टरपंथ-विरोधी (Deradicalization) कार्यक्रम का हिस्सा था। इस घटना ने जर्मन कानून और खुफिया तंत्र की कमियों को उजागर किया, जिसके बाद गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट (Alexander Dobrindt) और न्याय मंत्री स्टेफनी हुबिग (Stefanie Hubig) ने इस नई नीति को तैयार किया। 

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## 2. रिपोर्ट के मुख्य कानूनी और सुरक्षा सुधार (Key Structural Reforms)
विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना को मुख्यतः तीन स्तंभों में बांटा गया है: कड़ा आपराधिक कानून, आधुनिक डिजिटल निगरानी और कट्टरपंथ की रोकथाम। 
## क) चाकू हमलों पर ज़ीरो टॉलरेंस (Stricter Knife Laws)
जर्मनी में हाल के वर्षों में चाकू (Knife attacks) से होने वाले हमलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। 

* नए प्रावधान के तहत सार्वजनिक स्थानों पर चाकू से किए जाने वाले खतरनाक हमलों (Dangerous bodily injury) को सीधे 'गंभीर अपराध' (Verbrechen) की श्रेणी में अपग्रेड किया जाएगा।
* इसके लिए न्यूनतम सजा 1 वर्ष की अनिवार्य जेल तय की गई है। 

## ख) युवा आपराधिक कानून में बदलाव (Changes in Youth Criminal Law)
बर्लिन हमले का मुख्य आरोपी 21 वर्ष का था और जर्मनी में अक्सर 18 से 21 वर्ष के अपराधियों को 'किशोर कानून' (Jugendstrafrecht) का लाभ मिल जाता था जिससे वे कड़ी सजा से बच जाते थे।

* अब यदि कोई अदालत 18 से 21 वर्ष के 'युवा वयस्कों' पर किशोर कानून लागू करना चाहती है, तो उसे प्रत्येक मामले में लिखित में ठोस कारण स्पष्ट करने होंगे। 

* पैरोल (सजा की मोहलत) या समय से पहले रिहाई के निर्णयों में अपराधी के सुधरने से ज्यादा 'सार्वजनिक सुरक्षा के हितों' को प्राथमिकता दी जाएगी। 

## ग) 'संभावित खतरों' (Gefährder) की सख्त निगरानी
जर्मनी में इस समय सैकड़ों ऐसे लोग हैं जिन्हें सुरक्षा एजेंसियां इस्लामी चरमपंथी और समाज के लिए खतरा (Gefährder) मानती हैं। 

* इनके मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए पूरे देश में एकसमान इलेक्ट्रॉनिक एंकल मॉनिटर (GPS पैर की बेड़ियां/Fußfessel) का इस्तेमाल अनिवार्य और व्यापक किया जाएगा। 

* आवश्यकता पड़ने पर इन्हें बिना किसी नए अपराध के भी 'निवारक हिरासत' (Preventive Detention) में रखने के नियम कड़े किए जा रहे हैं। 

## घ) डिजिटल सर्विलांस और डेटा स्टोरेज (IP-Address Tracking)
खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ मजबूत करने के लिए डेटा कानूनों में संशोधन किया गया है।

* खतरे की स्थिति में संघीय (Federal) के साथ-साथ अब राज्य (State) स्तर की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को भी संदिग्धों के IP-एड्रेस और टेलीकॉम कनेक्शन डेटा (Traffic Data) को स्टोर करने और खंगालने की अनुमति होगी। 

## ङ) आतंकी फंडिंग और दुष्प्रचार पर प्रहार

* ऑनलाइन प्रोपेगैंडा: 'इस्लामिक स्टेट' (IS) या अन्य प्रतिबंधित संगठनों की प्रचार सामग्री, ऑनलाइन वीडियो या उनके प्रतीकों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध और जर्मन पीनल कोड (§ 86 StGB) के तहत कड़ी सजा दी जाएगी। 

* फंडिंग पर रोक: विदेशी संगठनों या इंटरनेट के माध्यम से आतंकवाद के लिए चंदा (Donations) जुटाने वालों के खिलाफ एक नया कठोर आपराधिक कानून लागू होगा। इसके साथ ही 10,000 यूरो से अधिक का फंड प्राप्त करने वाले विदेशी संगठनों (जैसे कुछ धार्मिक या सांस्कृतिक संघ) के लिए आय का स्रोत उजागर करना अनिवार्य होगा। 

## च) सूचना का बेहतर आदान-प्रदान
सुरक्षा एजेंसियों (जैसे GTAZ - संयुक्त आतंकवाद विरोधी केंद्र) और देश की अदालतों/न्यायपालिका के बीच समन्वय की कमी को दूर किया जाएगा, ताकि संदिग्धों के कट्टरपंथ से जुड़े इनपुट समय पर जजों तक पहुंच सकें और उन्हें जमानत या पैरोल आसानी से न मिले। 
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## 3. रिपोर्ट पर प्रतिक्रियाएं और आलोचना (Reactions & Criticism)

* समर्थन: फेडरल एसोसिएशन ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेटर्स ([BDK](https://www.bdk.de)) ने इस योजना का स्वागत किया है और कहा है कि सुरक्षा एजेंसियों को इन खतरनाक तत्वों से निपटने के लिए लंबे समय से ऐसे प्रभावी हथियारों की जरूरत थी। 

* आलोचना: जर्मनी के कुछ कानूनी विशेषज्ञों और जर्मन जजेस एसोसिएशन (DRB) ने युवा आपराधिक कानून में किए जा रहे बदलावों पर चिंता जताई है। आलोचकों का मानना है कि सख्त सजा से ज्यादा जरूरी न्यायपालिका को और अधिक संसाधन और मैनपावर देना है, ताकि मामलों का तेजी से निपटारा हो सके। 

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जर्मनी की संघीय सरकार ने 16 सितंबर 2026 को बर्लिन में हुए एक घातक हमले (CSD अटैक) के बाद इस्लामिक आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए एक 10-सूत्रीय कार्ययोजना (10-Punkte-Plan) को मंजूरी दी है। 

इस 10-सूत्रीय कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं: 
* इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और निवारक हिरासत: संभावित खतरनाक व्यक्तियों (Gefährder) पर नजर रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक एंकलेट (फुटफेसिल) और निवारक हिरासत के नियमों को पूरे देश में एकसमान और सख्त बनाया जाएगा। 

* चाकू से हमलों पर कड़ी सजा: चाकू से किए जाने वाले खतरनाक हमलों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा और इनके लिए कम से कम 1 साल की जेल की सजा तय की जाएगी। 

* युवा और वयस्क दंड कानून में बदलाव: सजा पर विचार करते समय (विशेषकर पैरोल या मोहलत के दौरान) आम जनता की सुरक्षा के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। युवा आपराधिक कानून में भी सुरक्षा के दृष्टिकोण को मजबूत किया जाएगा। 

* संयुक्त कार्ययोजना: इस्लामिक आतंकवाद और चरमपंथ से निपटने के लिए केंद्र सरकार (Bund) और राज्यों (Länder) के बीच एक साझा कार्ययोजना लागू होगी। 

* IP-एड्रेस और डेटा की निगरानी: खतरों को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों और राज्य प्राधिकरणों को IP-एड्रेस और कनेक्शन डेटा को स्टोर करने की बेहतर अनुमति दी जाएगी। 

* आतंकवादी संगठनों के प्रतीकों पर सख्ती: 'इस्लामिक स्टेट' (IS) या अन्य आतंकवादी संगठनों के प्रचार सामग्री और उनके प्रतीकों के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी और कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा। 

* आतंकवादी वित्तपोषण पर रोक: आतंकवाद के लिए चंदा जुटाने वालों और फंडिंग करने वालों के खिलाफ एक नया और कड़ा आपराधिक कानून बनाया जाएगा। 

* अधिकारियों के बीच सूचना का आदान-प्रदान: सुरक्षा एजेंसियों और न्यायपालिका के बीच तालमेल और डेटा साझा करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा, ताकि अदालतों को सही समय पर सटीक जानकारी मिल सके। 

* युवाओं के लिए निवारक कार्यक्रम (Prevention): कट्टरपंथ की तरफ बढ़ रहे किशोरों और युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए प्रिवेंशन प्रोग्राम और शैक्षणिक कार्य बढ़ाए जाएंगे। 

* कट्टरपंथ विरोधी अभियानों का विस्तार: ऑनलाइन प्लेटफार्मों (जैसे टेलीग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब) के जरिए फैलने वाले जिहादी-सलाफी प्रचार और कट्टरपंथी नेटवर्क पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी। 

 इस बारे में अधिक जानकारी [जर्मनी की संघीय सरकार की आधिकारिक वेबसाइट](https://www.bundesregierung.de/breg-de/aktuelles/massnahmen-gegen-terrorismus-2452850) 

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