सीटें आईं जीरोऔर बनने चले हीरो - भजनलाल शर्मा
कोटा में CM भजनलाल शर्मा की कांग्रेस को खुली चुनौती! बोले- 'जीरो सीटें आईं और बनने चले हीरो', कांग्रेस का पूरे देश से होगा सफाया!
कोटा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। मौका था भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान की शुरुआत का। सेवन वंडर्स पार्क के सामने आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी लोकतंत्र को स्वीकार ही नहीं किया। जब चुनाव में परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आते हैं तो लोकतंत्र मजबूत होता है, लेकिन जब जनता नकार देती है तो यही लोग लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगते हैं। मुख्यमंत्री ने एमएलसी चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि हाल ही में बैलेट पेपर से चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस को जीरो सीटें मिलीं। सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा- जीरो सीटें आईं और बनने चले हीरो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए, न कि हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना चाहिए।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने ऐसी कौनसी संस्था छोड़ी है, जिस पर सवाल नहीं उठाए। कभी चुनाव आयोग, कभी सुप्रीम कोर्ट तो कभी सेना तक को नहीं छोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा। जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है, उनसे हिसाब लिया जाएगा। जब भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होती है तो कांग्रेस संस्थाओं पर सवाल खड़े करने लगती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहती है, लेकिन लोकतंत्र में सरकार जनता के वोट से बनती है। मुख्यमंत्री ने संविधान और लोकतंत्र का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर समाज को तोड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया भर में भारत का डंका बज रहा है। देश लगातार आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस को यह विकास रास नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है और सभी राजनीतिक दलों को उसका सम्मान करना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय सत्ता संघर्ष के चलते चार महीने तक विधायक होटलों में बंद रहे। उन्होंने पंचायत और निकाय चुनावों में देरी का मुद्दा भी उठाया। सीएम ने कहा कि कांग्रेस के शासन में चुनाव दो-दो साल तक खिंचवाए गए और हर तीन महीने में आचार संहिता लगने से जनता का पैसा बर्बाद होता रहा। वहीं 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग कहते थे कि काकाजी भी एक साथ चुनाव नहीं करवा सकते, लेकिन काकाजी ने एक साथ चुनाव करवाकर दिखा दिए। मुख्यमंत्री ने अपने ढाई साल के कार्यकाल की तुलना कांग्रेस के पांच साल के शासन से करते हुए सरकार के कामों का ब्योरा भी पेश किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने पांच साल में 3,800 मेगावाट बिजली उत्पादन किया, जबकि भाजपा सरकार ने ढाई साल में ही 12 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन किया है।
भर्ती और रोजगार के मुद्दे पर सीएम ने कहा कि प्रदेश में 410 परीक्षाएं करवाई गईं और इनमें एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। पिछली सरकार के पेपर लीक मामलों में करीब 600 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार अब तक 1 लाख 92 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दे चुकी है, जबकि 1 लाख 18 हजार युवाओं की भर्ती प्रक्रियाधीन है। इसके अलावा सवा लाख पदों पर भर्ती निकाली गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 265 से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। करीब 700 कार्मिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। कुछ मामलों में पेंशन रोकी गई है तो कुछ कर्मचारियों को बर्खास्त भी किया गया है। सीएम ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों और देश में विद्रोह की बात करने वाले बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस की सोच उजागर होती है।
वहीं भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि कांग्रेस देश में झूठा नैरेटिव फैलाकर अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। भाजपा इस अभियान के जरिए कांग्रेस के कथित दुष्प्रचार का पर्दाफाश करेगी और आमजन को वास्तविकता से अवगत कराएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कांग्रेस को मुंहतोड़ जवाब देने का आह्वान किया। सभा के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सेवन वंडर्स पार्क के सामने से 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा रैली की शुरुआत की। इस दौरान मंच पर शिक्षा मंत्री, ऊर्जा मंत्री, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन और देहात अध्यक्ष सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
पदयात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। रैली कोटड़ी सर्किल, गुमानपुरा सर्किल और मल्टीपरपज स्कूल होते हुए छावनी चौराहे तक पहुंची। मुख्यमंत्री भी कुछ दूरी तक कार्यकर्ताओं के साथ पदयात्रा में शामिल रहे। इसके बाद वे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।
कोटा से शुरू हुए इस अभियान के जरिए भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोलते हुए लोकतंत्र, संविधान, चुनाव प्रक्रिया और भ्रष्टाचार के मुद्दों को जनता के बीच उठाने का संदेश दिया।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें