रविवार, 18 अप्रैल 2010

मिडिया नक्सलवाद की ढाल न बने

मिडिया नक्सलवाद की ढाल न बने
भारत के मिडिया को आजादी के बाद न जाने किसकी नजर लग गई ।
वह देश की चिंता ही भूल गया, स्वतन्त्रता का संग्राम लड़ने वाला वह मिडिया कहाँ चला गया ।
जब भी नक्सलवादी , आतंकवादी , उग्रवादी , अलगाववादी या घुसपेठ की घटना होती हे ,
अचानक नामी लेखकों के ध्यान हटाने वाले लेख छप जाते हें । अखवार भी जेसे इसी प्रतिच्छा में थे ।
आप नागरिक की सही सोच को मोड़ देने के पीछे क्या मकसद रखते हें समछ से परे हे ।
मगर इतना तय हे की आप सरकार को सही कदम उठाने से रोक देते हें ।
अब युध के तरीके बदल गय हें , देश की कमजोरी का फायदा उठाना भी युध का अंग हे ।
आपस में लड़ाना भी युध का अंग हे , छुपे तोर पर हथियार और पैसा देना भी युध का अंग हें ।
आब सेन्यं युध नहीं , समस्या के नाम से युध होतें हें , आधिकार के नाम से युध होते हें ।
मांग के नाम से , नुकसान के नाम से , विकास के नाम से , उथान के नाम से युध हो रहें हें ।
इन्हे पहचाना होगा , समछना होगा ।
यदि वे भुखमरी से मुक्ति चाहते तो ओधोगिकी करन होने देते , मगर यह स्वीकार नहीं ।
नरेगा चलने देते, सड़कें बनने देते। स्कूल, अस्पताल, कार्य चलने देते । मगर कहानी कुछ और हे ,
अशिक्ष और भुकमरी तो ये बनाये रखना चाहते हें । ताकि इन्हे लड़ाकू मिलते रहें , मुद्दों का भ्रम और छल कुछ और ।
सीधी लड़ाई तो लडनी होगी , उनके चुंगुल को तोडना होगा , अपनी बात कहनी होगी , अपने से जोड़ना होगा ,
आमना सामना तो होगा उनको अपने एक छत्र राज्य में दूसरा तो बुरा लगेगा ही , यही तो लड़ाई हे ।
मिडिया को इन्हीं तर्कों पर ध्यान देना चाहीये ।
अरविन्द सीसोदिया
राधा क्रिशन मंदर रोड ,
ददवारा , वार्ड ५९ कोटा २,
राजस्थान।
०९४१४१ 80151

5 टिप्‍पणियां:

  1. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !


    "टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

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  2. आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
    आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
    इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
    उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
    आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
    और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "टेक टब" (Tek Tub) पर.
    यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


    वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

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  3. इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  4. Hindi blog jagat men apka svagat hai ---unneed hai age bhee likhte rahenge.

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  5. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

    कलम के पुजारी अगर सो गये तो

    ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

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