गुरुवार, 8 मार्च 2012

सम्मानीय वसुंधरा राजे ..











***** वसुंधरा राजे...
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माननीया वसुंधरा राजे, जो कि  महारानी धोलपुर भी हैं और ग्वालियर के सुप्रसिद्ध सिंधिया राज घरानें की राजकुमारी भी हैं ..! सम्मानीय राजमाता विजयाराजे सिंधिया की वे पुत्री हें , ग्वालियर महाराजा माधवराव सिंधिया उनके सगे भाई थे , वे राजस्थान की मुख्यमंत्री भी रहीं हैं ,{ १३ दिसम्बर २०१३ से पुनः मुख्यमंत्री हें } उनकी लोकप्रियता जन - जन में है और इतनी है की आज उन्हें नंबर १ ही कहा जाना उचित है ..! वे राजस्थान में आज की तारीख में सबसे अधिक लोकप्रिय राजनेता हैं ....!





सम्मानीय वसुंधरा राजे  राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।
जन्म- 8 मार्च, 1953 ई. मुंबई,वसुंधरा राजे को राजनीति विरासत में मिली है।

जीवन परिचय
वसुंधरा राजे का जन्म 8 मार्च, 1953 ई. को मुंबई में हुआ था। वसुंधरा राजे ग्वालियर के शासक महाराजा जीवाजी राव सिंधिया और उन की धर्मपत्नी राजमाता विजया राजे सिंधिया की चौथी संतान हैं। वसुंधरा राजे ने प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट स्कूल, से प्रारम्भिक शिक्षा पूरी करने के बाद सोफिया महाविद्यालय, मुंबई यूनिवर्सिटी से इकॉनॉमिक्स और साइंस आनर्स से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। वसुंधरा राजे की शादी धौलपुर राजघराने के महाराजा हेमंतसिंह के साथ हुई थी। वसुंधरा राजे तब से ही राजस्थान से जुड़ गईं थी। वसुंधरा राजे अध्ययन, संगीत, घुड़सवारी, फ़ोटोग्राफ़ी और बागबानी की शौक़ीन हैं।

राजनीतिक सफ़र
वसुंधरा राजे को सन् 1984 में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया था। वसुंधरा राजे की कार्यक्षमता, विनम्रता और पार्टी के प्रति वफ़ादारी के चलते 1998-1999 में अटलबिहारी वाजपेयी मंत्रीमंडल में वसुंधरा को विदेश राज्य मंत्री बनाया गया। वसुंधरा राजे को अक्टूबर, 1999 में फिर केंद्रीय मंत्रीमंडल में राज्यमंत्री के तौर पर स्माल इंडस्ट्रीज, कार्मिक एंड ट्रेनिंग, पेंशन व पेंशनर्स कल्याण, न्यूक्लियर एनर्जी विभाग एवं स्पेस विभाग का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया।

वसुंधरा ने देश की राजनीति में अपनी क़ाबलियत से एक पहचान कायम कर ली। इसी बीच राजस्थान में भैरों सिंह शेखावत के उपराष्ट्रपति बनने से प्रदेश में किसी दमदार नेता का अभाव खटकने लगा। वसुंधरा के पुराने बैकग्राउंड को देखते हुए केंद्रीय पार्टी ने उन को राज्य इकाई का अध्यक्ष बना कर भेज दिया।

वसुंधरा राजे ने चुनावों के मद्देनज़र प्रदेश भर में परिवर्तन यात्रा निकाली। वसुंधरा राजे इस यात्रा के ज़रिये वे आम जनता से मिलती थीं। ख़ासतौर से वसुंधरा राजे महिलाओं को लुभाने के लिये जिस इलाके में जातीं उसी इलाके की वेशभूषा पहन कर जाती थीं। नतीजा यह हुआ कि विधानसभा चुनावों में वसुंधरा राजे भारी बहुमत के बल पर पार्टी को सत्ता में ले आईं। 1 दिसंबर, 2003 में राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।

वसुंधरा राजे ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिये 2007-2008 के बजट में शिक्षा, रोज़गार, बालविवाह प्रथा पर रोक जैसे पाँच सूत्री कार्यक्रम बनाए थे।

शक्तीकरण के प्रयास
2007 में यूएनओ द्वारा वसुंधरा को महिला के लिये शक्तीकरण के प्रयासों के लिये 'विमन टूगेदर अवार्ड' दिया गया। कुछ भी हो, वसुंधरा राजे ने हमेशा अपनी क़ाबिलियत का लोहा मनवाया और आगे बढ़ते हुए राजनीतिक विजय के झंडे गाड़े।।
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एक मुलाक़ात: वसुंधरा राजे के साथ
संजीव श्रीवास्तव
भारत संपादक, बीबीसी हिंदी
रविवार, 22 अप्रैल, 2007 को
http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story
राजमहल से राजनीति के गलियारे तक का सफ़र तय कर चुकीं राजस्थान की मुख्यमंत्री रहीं वसुंधरा राजे सिंधिया से.

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