महा लक्ष्मी : संसार के आठों धनों को,प्रदान करने वाली






संसार के आठों धनों को,प्रदान करने वाली महालक्ष्मी,आपका स्वागत है।
शास्त्रों में देवी लक्ष्मी के आठ रूप बताए गए हैं। महालक्ष्मी का हर रूप अलग-अलग मनोकामनाओं को पूर्ण करता है। दीपावली पर लक्ष्मी के इन आठों स्वरूपों की पूजा करने पर भक्त को अपार धन, सभी सुख प्राप्त हो जाते हैं। दीपावली की रात लक्ष्मी पूजन करते समय इन मंत्रों का जप करते हुए महालक्ष्मी को कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें।
अष्टलक्ष्मी मंत्र- - ऊँ आद्यलक्ष्म्यै नम:
- ऊँ विद्यालक्ष्म्यै नम:
- ऊँ सौभग्यलक्ष्म्यै नम:
- ऊँ अमृतलक्ष्म्यै नम:
- ऊँ कामलक्ष्म्यै नम:
- ऊँ सत्यलक्ष्म्यै नम:
- ऊँ भोगलक्ष्म्यै नम:
- ऊँ योगलक्ष्म्यै नम:
इन मंत्रों के विधिवत जप से लक्ष्मीजी प्रसन्न होंगी और भक्त को धन आदि सभी सुख प्राप्त होंगे। श्री धन लक्ष्मी,श्री ऐश्वर्य लक्ष्मी, श्री धान्य लक्ष्मी, श्री संतान लक्ष्मी, श्री गज ( वाहन ) लक्ष्मी, श्री विद्या लक्ष्मी, श्री विजय लक्ष्मी और श्री आदि लक्ष्मी।


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