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नवंबर 3, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकरी मंडल बैठक

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चेन्नई राष्ट्रीय  स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आज सवेरे प्रारंभ हुई। परम पूजनीय  सरसंघचालक मोहन जी भगवत तथा सरकार्यवाह मान  सुरेश जी जोशी ने भारत माता के चित्र पर दीप प्रजव्लन किया। दूसरे चित्र में  देश के सभी भागों से आए ४०० प्रतिनिधि । चेन्नई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकरी मंडल बैठक का उद्घाटन  प्रेस वार्ता के प्रश्नोत्तर दिनांक २ नवम्बर २०१२ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारी मंडल बैठक जो पहली बार तमिलनाडु में आयोजित होने जा रही है, का उद्घाटन सरसंघचालक श्री मोहन भागवत के कर कमलों से दिनांक २ नवम्बर को हुआ| तमिल सूक्तियों और मंत्रोच्चार के बीच सर कार्यवाह श्री सुरेश जोशी की उपस्थिति में श्री भागवत ने दीप प्रज्ज्वलन किया | इस तीन दिवसीय बैठक में देश के सभी भागों से आए ४०० प्रतिनिधि भाग लेंगे | उद्घाटन के पश्चात् सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबले ने पत्रकारों को संबोधित कर अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के उद्देश्य से अवगत कराया | श्री दत्तात्रेय होसबले का उद्बोधन आप सभी जानते हैं की आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यक

इसाई बनाने के तौर - तरीके : एक घटना का विवरण

इसाई बनाने के तौर - तरीके---By Arya Jasdev,,Jugal Kishore Soman एक घटना का विवरण :- सन २००५ की १७ फरवरी को मैं मेरी धर्मपत्नी श्रीमती शांता के साथ बैंगलोर से जयपुर की ट्रेन में यात्रा के लिए दोपहर को रवाना हुआ . अर्द्ध रात्रि सिकंदराबाद / हैदराबाद स्टेशन पर कुछ वनवासी से युवक हमारे कोच में आ घुसे , संयोग से उनके डिब्बे में आते ही ट्रेन चल पड़ी . ये वनवासी , जो करीब ५ - ६ थे , घबराए हुए से थे . हिन्दी भाषा तो उनको आती नहीं थी किन्तु राजस्थान का एक परिवार जो बेल्लारी में रहता था , इसी कम्पार्टमेंट में था , उन्होंने उनसे बात की तो मालुम पडा कि ये लोग करीब ३०० की संख्या में धर्मावरम से कोटा जा रहे हैं , जहां इन हिन्दुओं को धर्मांतरण कर इसाई बनाया जाना है . इन लोगों को लाने वाले एजेंट टाइप पादरी ( ४ पुरुष और २ महिलाएं ) इसी कोच में यात्रा कर रहे हैं और उनके पास ही इनकी टिकटें हैं . साधारण कोच में यात्रा कर रहे इन लोगों को टिकट चेकर ने पकड़ लिया इस कारण ये लोग अपनी टिकटें लेने हेतु इस कोच में आये हैं . चूंकि अगले स्टेशन के आने में करीब २ घण्टों की देरी थी अतः हमने धीरे - धीरे इन लोगों से ध

1984 के सिख विरोधी दंगों पर आस्ट्रेलियाई संसद में 'नरसंहार प्रस्ताव'

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यह प्रश्न कांग्रेस के ही खिलाफ हे की, उस पर देश का कानून क्यों लागू  नहीं होता ...... मोदी या किसी भी दूसरे से प्रश्न करने से पहले कांग्रेस को इस प्रश्न का जबाब देना ही होगा की उसके खिलाफ किसी भी अपराध का कोई दोषी क्यों नहीं होता ?????????????????????....................... यह देश के संघीय ढांचे का मखोल नहीं हे क्या की कांग्रेस से जड़े अनेकों अपराधों पर आज तक किसी कोई कार्यवाही नहीं हुई और मामले हमेशा रफा दफा कर दिए गए। बोफोर्स से लेकर वाड्रा तक यही हुआ।।।।।।।। http://www.aajkikhabar.com/hindi 1984 के सिख विरोधी दंगों पर आस्ट्रेलियाई संसद में प्रस्ताव Monday, Oct 29 2012   सिडनी| आस्ट्रेलिया में एक सांसद ने नवम्बर 1984 में भारत में भड़के सिख विरोधी दंगों को भयानक हिंसा करार देने की आस्ट्रेलिया सरकार से मांग करते हुए संसद में एक 'नरसंहार प्रस्ताव' पेश करने का निर्णय लिया है। ये दंगे तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए थे। सिख सुरक्षाकर्मियों द्वारा 31 अक्टूबर, 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या किए जाने के बाद राजधानी नई दिल्ली में तीन दिनों तक चले दंगों म