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मातृशक्ति है,भोगवस्तु नहीं : पूजनीय मोहनजी भागवत

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मातृशक्ति है,भोगवस्तु नहीं _ परम पूजनीय मोहन जी भागवत हमारी महिलाओं की ओर देखने की दृष्टि वे मातृशक्ति है यही है। वे भोगवस्तु नहीं,देवी हैं। प्रकृति की निर्मात्री है। हम सब लोगों की चेतना की प्रेरक शक्ति है और हमारे लिए सब कुछ देनेवाली माता है। यह दृष्टि जब तक हम सबमें लाते नहीं तब तक ये बातें रुकेगी नहीं। केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा। वो होना चाहिए, किन्तु उसके साथ संस्कार भी होने चाहिए। ’’ परम पूजनीय मोहन जी भागवत ने जो कहा उसे पढ़िए मुंबई, जनवरी ४  :  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के  सरसंघचालक डा. मोहन भागवत के कथित वक्तव्य  पर मीडिया में बड़ा विवाद चल रहा है। वास्तव में डा. भागवत ने क्या कहा यह जानने का प्रयास न्यूजभारती ने किया। फलस्वरूप जिस कार्यक्रम में डा. भागवत का वह कथित वक्तव्य आया उस कार्यक्रम का वीडियो रिकार्डिंग न्यूजभारती को प्राप्त हुआ। न्यूजभारती अपने पाठकों के लिए उस वीडियो का प्रतिलेख प्रस्तुत कर रहा है।   असम के सिल्चर में प्रबुद्ध नागरिकों के साथ हुए वार्तालाप कार्यक्रम में उपस्थित एक सज्जन ने डा. भागवत से प्रश्न पूछा,  ‘‘ ये