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'Shri Ram Jai Ram Jai Jai Ram ' : Dharma sansad

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Dharma sansad 9 Ninth Dharma Sansad This was convened on the occasion of Maha Kumbh at Prayag on 19-21 January 2001. Pujya Jagadguru Shankaracharya Jyotish Peethadhishwar Swami Vasudevanand Maharaj and Shri. Ashok Singhal delivered the introductory speech. About 6,000 Siants and Dharmacharyas participated in this Dharma Sansad. Note Worthy Activities It was proclaimed from the platform of Dharma Sansad that all the obstacles in the way of construction of Shriram Janmabhumi Mandir at Ayodhya be removed forthwith i.e. the construction activities could be started on any auspicious day after Shivaratri i.e. 12 March 2002. Following three programmes were also announced to provide spiritual energy to the Abhiyan; to awaken Hindutva and give momentum to this work of Mandir Construction : Jalabhishek to Lord Shankar in the Purushottam Mas * Japa Yajna of Vijaya Maha-Mantra Shri Ram Jai Ram Jai Jai Ram€ * Sant Chetavani Yatra from Ayodhya to Delhi * Resolutions Passed Resoluti

जो दया नहीं करते वे दया के हकदार नहीं: सर्वोच्च न्यायालय

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जो दया नहीं करते वे दया के हकदार नहीं: सर्वोच्च न्यायालय                नई दिल्ली: साल 1993 के दिल्ली बम विस्फोट के दोषी देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर की मौत की सजा को सुप्रीम कोर्ट के जरिए बरकरार रखे जाने को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों की अपनी-अपनी राय है. पंजाब में सत्तारुढ़ शिरोमणि अकाली दल भुल्लर की फांसी के विरुद्ध है. भुल्लर की फांसी को लेकर यह बहस भी छिड़ी हुई है जब उसने फांसी पर फैसले के इंतज़ार में 11 साल तक जेल में गुजार दिए हैं तो फिर उसे फांसी पर लटकना इंसाफ नहीं होगा. इसे ही आधार बनाकर भुल्लर ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने का आग्रह किया था, जिसे शुक्रवार को कोर्ट ने खारिज कर दिया. कोर्ट ने फांसी की सजा बरकार रखने के अपने फैसले में कहा, "आतंकवादी हत्या से पहले पलभर के लिए भी पीड़ितों के परिवार, माता-पिता, पति-पत्नी, बच्चों और रिश्देतार व दोस्तों के बारे में नहीं सोचते. जो पीड़ित होते हैं उन्हें यह ताउम्र सहना पड़ता है. आर्थिक नुकसान इसके अलावा है.  यह अजीबोगरीब बात है कि जो लोग दूसरों के साथ दया और करुणा का भाव नहीं रखते वे दया की

160 सीटों पर असर डाल सकता है सोशल मीडिया!

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चुनाव में 160 सीटों पर असर डाल सकता है सोशल मीडिया! नई दिल्ली। अगले आम चुनाव में फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोग खासा असर डाल सकते हैं। लोकसभा की तकरीबन 160 सीटों पर इसका असर दिखाई पड़ सकता है। आयरिश नॉलेज फाउंडेशन एंड इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के एक अध्ययन में ये दावा किया गया है। इसके मुताबिक लोकसभा की कुल 543 में से 160 सीटों पर सोशल मीडिया का खासा असर देखने को मिल सकता है। महाराष्ट्र में इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। यहां की 21 सीटों पर सोशल मीडिया का असर पड़ सकता है। जबकि गुजरात में 17 सीटें सोशल मीडिया से प्रभावित हो सकती हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में 14, कर्नाटक की 12, तमिलनाडु की 12, आंध्र प्रदेश की 11, केरल की 10 और मध्य प्रदेश की 9 सीटों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। ये वो लोकसभा सीटें हैं जहां लोग सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मतदाताओं के दस फीसदी से ज्यादा लोग फेसबुक से जुडे़ हुए हैं। ताजा सर्वे के मुताबिक फेसबुक से जुड़े लोग चुनाव से पहले अपने आसपास

विजय महामंत्र का जाप पूरे देश में प्रारम्भ

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विजय महामंत्र का जाप पूरे देश में प्रारम्भ हो गया है राम मंदिर निर्माण के लिए संत करेंगे विजय महामंत्र जाप अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की सभी बाधाओं को दूर करने के लिये,प्रयागाराज महाकुंभ में विश्वहिन्दू परिषद के आव्हान पर देश भर के संतों ने निर्णय लिया था कि नवसंवतसर  11 अप्रैल के शुभारम्भ से अक्षय तृतिया  13 मई तक ” विजय महामंत्र “ ” श्रीराम, जय राम, जय जय राम“ की 13 मालायें प्रतिदिन जाप  देश भर  में एक साथ प्रत्येक हिन्दू करेगा।  विहिप के केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय विशेष संपर्क प्रमुख पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने बताया, "प्रयाग महाकुंभ के दौरान संतों के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल ने देशभर में 11 अप्रैल (प्रतिपदा) से 13 मई (अक्षय तृतीया) तक विजय महामंत्र 'श्रीराम जय राम जय जय राम' का 13 माला नित्य जाप कर सिद्ध क्षेत्र बनाने का आह्वान किया है।" संतों का मानना है कि विजय महामंत्र के द्वारा ही मंदिर निर्माण के मार्ग में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सकता है।