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नेहरूवादी और वामपंथी इतिहासकारों ने ब़डा नुकसान पहुंचाया - सम्मानीय भागवतजी

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भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक सम्मानीय मोहन जी भागवत ने नेहरूवादी और वामपंथी इतिहासकारों पर भारत के इतिहास को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है और प्राचीन ऋषि परंपरा को जीवित रखने पर जोर दिया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे संघ के अखिल भारतीय चिंतन शिविर में हिस्सा लेने आए भागवत ने शुक्रवार को "हिंदू राष्ट्र की अवधारणा" विषय पर विचार प्रकट करते हुए कहा कि नेहरूवादी और वामपंथी इतिहासकारों ने इस देश के इतिहास व समाजशास्त्र को ब़डा नुकसान पहुंचाया है। इन्हीं लोगों ने समाज तक सही सूचनाएं नहीं पहुंचने दी। �यहां तक कि संघ से संबंधित 109 फाइलों का कोई पता नहीं है। उन्हें आशंका है कि या तो इन फाइलों को नष्ट कर दिया गया है या गायब। भागवत ने कहा कि यह अवधारणा 1947 से नहीं शुरू हुई, बल्कि सदियों पुरानी है, जिसे ऋषियों-मुनियों और सुधारकों ने जीवित रखा तथा मजबूती प्रदान की। भागवत ने पश्चिम की "नेशन" की अवधारणा की चर्चा करते हुए कहा कि वहां यह अवधारणा राज्य, आर्थिक, धार्मिक, जनजातियों और इसी तरह के मसलों से निकलकर आती है, वहीं भारत में राष्ट्र

पहली कक्षा से गीता अनिवार्य करता : जस्टिस ए आर दवे

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तानाशाह होता तो पहली कक्षा से गीता अनिवार्य करता : जस्टिस एआर दवे भारतीयों को अपनी प्राचीन परंपरा और पुस्तकों की ओर लौटना चाहिए :जस्टिस एआर दवे Saturday,Aug 02,2014 अहमदाबाद। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एआर दवे ने शनिवार को कहा कि महाभारत और भगवद गीता से हम जीवन जीने का तरीका सीखते हैं। यदि वे भारत के तानाशाह होते तो बच्चों को पहली कक्षा से ही इन्हें लागू करते। उन्होंने कहा कि भारतीयों को अपनी प्राचीन परंपरा और पुस्तकों की ओर लौटना चाहिए। महाभारत और भगवद्गीता जैसे मूल ग्रंथों से बच्चों को कम उम्र में अवगत कराना चाहिए। न्यायमूर्ति दवे 'समकालीन मुद्दों एवं वैश्वीकरण के युग में मानवाधिकारों की चुनौतियां' विषय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय विचार गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'गुरु-शिष्य परंपरा जैसी हमारी प्राचीन प्रथा खत्म हो चुकी है। यदि वह रहती तो देश में इस तरह की समस्याएं [हिंसा और आतंकवाद] नहीं रहतीं। अब हम कई देशों में आतंकवाद देख रहे हैं। अधिकांश देश लोकतांत्रिक हैं. यदि किसी लोकतांत्रिक देश में हर व्यक्ति अच्छा हो तो वे निश्चित रूप से किसी ऐसे व्यक्त

स्वामी विवेकानंद और भारतीय नवोत्थान – श्री मोहन राव जी भागवत

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स्वामी विवेकानंद और भारतीय नवोत्थान विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी  मेरा जीवन मेरे सुख के लिए नहीं, दरिद्र नारायण की सेवा व भारत को विश्वगुरू बनाने के लिए, यही विवेकानन्द का सन्देश – श्री मोहन राव जी भागवत  भोपाल, दिनांक २४ मार्च २०१३ // माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्व विद्यालय भोपाल द्वारा स्थानीय समन्वय भवन में स्वामी विवेकानंद और भारतीय नवोत्थान विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक श्री मोहन राव जी भागवत के उद्वोधन से हुआ | कार्यक्रम के प्रारम्भ में कांची काम कोटि पीठ के शंकराचार्य श्री जयंत सरस्वती जी ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि विवेक पूर्वक देश और समाज के लिए कार्य करने से ही आनंद प्राप्त होता है | यह कार्य भी प्रथक प्रथक करने के स्थान पर मिलकर करना अधिक फलदाई है | क्योंकि कलियुग मैं संगठन ही शक्ति है | उन्होंने जोर देकर कहा कि “संघे शक्ति कलौयुगे” | कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक श्री मोहन राव जी भागवत ने अपने उद्वोधन के प्रारम्भ रोमा रोला द्वारा विवेकानंद पर की

अब सेल्फ अटेस्ट ही काफी होगा - केंद्र सरकार

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केंद्र सरकार का आदेश, अब सेल्फ अटेस्ट ही काफी होगा Aajtak.in [Edited By: रंजीत सिंह] | नई दिल्ली, 2 अगस्त 2014 | केंद्र की मोदी सरकार ने सुशासन का नया मंत्र दिया है. सरकार ने सर्टिफिकेट अटेस्ट करवाने और हलफनामे का झंझट खत्म कर दिया है. केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि अब किसी राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित किए जाने के बजाय सर्टिफिकेट का स्‍व प्रमाणित (सेल्फ अटेस्टेड) होना ही काफी होगा. सरकार ने केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं. सरकार की दलील है कि एफिडेविट बनवाने में पैसा और वक्त बर्बाद होता है. इस प्रक्रिया में अधिकारी का कीमती वक्त भी जाया होता है. अब नियुक्ति के अंतिम चरण में सेल्फ अटेस्ट के साथ ओरिजनल डॉक्यूमेंट ही पेश करना होगा. हालांकि, गलत अटेस्‍टेशन पर आईपीसी के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी. पीएमओ की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी की यह पहल लोगों की सुविधा को ध्‍यान रखते हुए लिया गया है. इससे आम जनता को ही फायदा होगा.

कांग्रेस से दो साल की छुट्टी लें सोनिया-राहुल : जगमीत बरार

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इतना तो तय है कि अब श्रीमति सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद नहीं छोडने वाली हैं। वे जानती हैं कि उन्होने नरसिंहराव की सरकार के समय किस मुस्किल से सीताराम केसरी को धक्के मार कर निकाला और कब्जा किया था। अब कब्जा गया तो वे कभी कांग्रेस को फिर प्राप्त नहीं कर पायेंगीं । इसलिये अगला अध्यक्ष राहुल गांधी तो बन सकते हें मगर कोई ओर नहीं । यूं भी कांग्रेस का मतलब नेहरूजी के वंशज ही माना जाता हे। स्वंय में कांग्रेस कुछ भी नहीं हे। --------------- - कांग्रेस से दो साल की छुट्टी लें सोनिया-राहुलः पूर्व सांसद आईबीएन-7 | Aug 02, 2014 नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद कांग्रेस में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा विवाद पूर्व कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और पंजाब के नेता जगमीत बरार के बयान से खड़ा हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी को 2 साल के लिए छुट्टी ले लेनी चाहिए और इससे कोई नुकसान नहीं होगा। साथ ही पूर्व सांसद बरार ने ये भी कहा कि सभी महासचिवों को भी इस्तीफा दे देना चाहिए और पार्टी चलाने की जिम्मेदारी नए नेतृत्व को सौंप देनी चाहिए। जगम

नरेंद्र मोदी की अमेरिका से दो टूक , पहली जिम्मेदारी देश के गरीबों की

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नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से दो टूक कहा, पहली जिम्मेदारी देश के गरीब टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Aug 2, 2014 नई दिल्ली | विश्व व्यापार बातचीत में विफलता के लिए अमेरिका द्वारा भारत को दोषी ठहराने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमेरिका को साफ-साफ कहा कि उनकी सरकार की पहली जिम्मेदारी देश के गरीब लोगों के प्रति बनती है। प्रधानमंत्री मोदी ने डब्ल्यूटीओ के तहत व्यापार सुविधा समझौता (टीएफए) को लेकर भारत और अमेरिका के मतभेदों के मद्देनजर भारत के दौरे पर आए अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी से यह बात कही। जॉन केरी से मुलाकात के दौरान मोदी से बड़े ही साफ शब्दों में कहा, 'मैं भारत के छोटे किसानों के लिए ज्यादा चिंतित हूं, हालांकि मैं मानता हूं कि यह व्यापार समझौता भारत के लिए अच्छा है।' साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि अमीर देशों को विकासशील देशों में गरीबी की समस्या और इससे निपटने की उनकी जिम्मेदारी को समझना चाहिए। मोदी ने भारत यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और वाणिज्य मंत्री पेनी प्रिट्जकर को अपनी इस राय से अवगत कराया। अमेरिका के दोनों मंत्री श