कांग्रेस से दो साल की छुट्टी लें सोनिया-राहुल : जगमीत बरार





इतना तो तय है कि अब श्रीमति सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद नहीं छोडने वाली हैं। वे जानती हैं कि उन्होने नरसिंहराव की सरकार के समय किस मुस्किल से सीताराम केसरी को धक्के मार कर निकाला और कब्जा किया था। अब कब्जा गया तो वे कभी कांग्रेस को फिर प्राप्त नहीं कर पायेंगीं । इसलिये अगला अध्यक्ष राहुल गांधी तो बन सकते हें मगर कोई ओर नहीं । यूं भी कांग्रेस का मतलब नेहरूजी के वंशज ही माना जाता हे। स्वंय में कांग्रेस कुछ भी नहीं हे।----------------


कांग्रेस से दो साल की छुट्टी लें सोनिया-राहुलः पूर्व सांसद

आईबीएन-7 | Aug 02, 2014

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद कांग्रेस में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा विवाद पूर्व कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और पंजाब के नेता जगमीत बरार के बयान से खड़ा हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी को 2 साल के लिए छुट्टी ले लेनी चाहिए और इससे कोई नुकसान नहीं होगा। साथ ही पूर्व सांसद बरार ने ये भी कहा कि सभी महासचिवों को भी इस्तीफा दे देना चाहिए और पार्टी चलाने की जिम्मेदारी नए नेतृत्व को सौंप देनी चाहिए। जगमीत बरार पहले नेता हैं जिन्होंने गांधी परिवार से नेतृत्व छोड़ने की मांग की है।

बरार की इस मांग पर कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। पार्टी नेता राशिद अल्वी ने कहा कि इस तरह के बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं। किसी भी आदमी को कोई बात कहनी है तो पार्टी के फोरम पर कहनी चाहिए। सोनिया गांधी पार्टी की निर्विवाद लीडर हैं। बगैर उनके कांग्रेस मजबूत नहीं हो सकती। जो नेता इस तरह के बयान दे रहे हैं उनको अपनी मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए।

कांग्रेस नेता राजबब्बर ने कहा कि बरार ने कहा है कि सबको जिम्मेदारी लेनी चाहिए इसमें दो राय नहीं है लेकिन जहां तक नेतृत्व का सवाल है तो सोनिया और राहुल की आज सबसे ज्यादा जरूरत है। हमारी सरकार में जो मंत्री थे, उनके एरोगेंस ने कांग्रेस को जनता की नजरों में छोटा कर दिया था। ऐसे मंत्रियों के नाम समय आने पर बताऊंगा।

वहीं पूर्व मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि ये बात सही है कि लोकसभा चुनाव में हमारा प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा लेकिन ये समय है सबके साथ आने का, न कि एक-दूसरे पर दोषारोपण करने का। पूरे देश में जिस तरह सांप्रदायिकता का माहौल बन रहा है उसे देखते हुए सबसे धर्मनिरपेक्ष पार्टी कांग्रेस को एक होने की जरूरत है।

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