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नरेन्द्र मोदी जी : ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय सम्पूर्ण वांङमय’

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रविवार, 09 अक्टूबर 2016 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित 'पंडित दीनदयाल सम्पूर्ण वांङमय' के लोकार्पण अवसर पर दिए गए उद्बोधन के मुख्य बिंदु ‘दीन दयाल सम्पूर्ण वांङमय’ के ये 15 ग्रंथ पंडित जी की जीवन यात्रा, विचार यात्रा और संकल्प यात्रा की त्रिवेणी है और आज का यह पल त्रिवेणी के चरणामृत लेने का पर्व है: नरेन्द्र मोदी ************* पंडित जी का मानना था कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था की रचना ऊपर से नीचे की ओर नहीं बल्कि नीचे से ऊपर की ओर होना चाहिए, उनका मानना था कि सरकार की सारी योजनाओं के केंद्र बिंदु में गरीब और गरीब-कल्याण होना चाहिए, तभी हम राष्ट्र को विकास पथ पर गतिशील कर सकते हैं: नरेन्द्र मोदी ************* हमें विकास यात्रा के सारे प्रवाह उस दिशा में ले जाने हैं जहां पर हम गरीब को एम्पावर करें, उसका सशक्तिकरण करें और जहां गरीब ही गरीबी के खिलाफ जंग में फ़ौजी बन जाएँ। हम सभी मिलकर गरीबी से मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में काम करें: नरेन्द्र मोदी ************* भारत वैभव के शिखर पर पहुंचे, इसके लिए पंडित दीन दयाल जी सात आदर्