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सिप्ला से प्रेम और अडानी-अंबानी से दुश्मनी,क्या कांग्रेस धर्म देख कर निर्णय लेती है - अरविन्द सिसौदिया Ambani, Adani cipla,

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  सिप्ला से प्रेम और अडानी-अंबानी से दुश्मनी,क्या कांग्रेस धर्म देख कर निर्णय लेती है - अरविन्द सिसौदिया   कांग्रेस का दवा कंपनी सिप्ला पर साहनभूति और अडानी पर अंगार, क्या आलोचना भी धर्म देख करती है कांग्रेस ? - मेरा भी भारत सरकार से आग्रह है कि एक भारतीय कंपनी के नाते सिप्ला की मदद की जानी चाहिये, उसे किसी भी विदेशी अधिग्रहण में जानें से बचाया जाना चाहिये। यह कर्त्तव्य भारत सरकार ही नहीं प्रत्येक भारतीय को संभव क्षमता से निभाना चाहिये।  किन्तु हमने देखा है कि यूपीए के द्वारा कांग्रेस के नेतृत्व में भारतीय उद्योग समूह अडानी और अंबानी पर लगातार हमले होते रहे क्यों कि ये कंपनियां भारतीय कंपनियां थीं, पूरे विश्व में भारत का नाम रौशन कर रहीं थीं, सफलता की कहानीयां लिख रहीं थीं। अडानी समूह को अमेरिकी झूठ कंपनी के द्वारा हिडनवर्ग रिपोर्ट के माध्यम से भ्रम फैला कर बहुत बडा नुकसान पहुंचाया गया, यह नुकसान भारतीय अर्थव्यवस्था को चौपट करनें की कोशिश विदेशी भूमी से हुई और उसका समर्थन कांग्रेस सहित उसके मित्र दलों नें किया। यूपीए ने अपने काले कारनामों को झुपानें के लिये अपना डॉट डॉट ....

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेताओं को आईना दिखाया - अरविन्द सिसौदिया

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  दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेताओं को आईना दिखाया - अरविन्द सिसौदिया दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेताओं को उनकी बदनियत का आईना दिखाते हुये तुरन्त वे टिविट डिलिट करनें को कहा है जो उन्होनें केन्द्रीय मंत्री स्मृति इरानी की बेटी को लेकर राजनैतिक रंजिश से डाले थे। कांग्रेस के वरिष्ठ और वयोवृद्ध नेताओं ने मात्र हाई कमान को खुश करनें के लिये अनैतिक एवं अशोभनीय टिविट किये जिसके लिये उच्च न्यायालय नें जयराम रमेश, पवन खेरा और नेट्टा डिसूजा को यह निर्देश दिये हैं तथा केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा दायर दीवानी मानहानि के मुकदमे पर समन भी जारी किया है।  मानहानि मुकदमे में केन्द्रीयमंत्री ईरानी ने आरोप लगाया है कि उनके और उनकी बेटी के खिलाफ निराधार आरोप उक्त नेताओं ने लगा कर मानहानी की है। जिसके उन्होनें लिए 2 करोड़ रुपये से अधिक के हर्जाने की मांग की गई है।  अर्थात उपरोक्त प्रकरण में प्रथम दृष्टया ही कांग्रेस नेताओं को उनकी बदनियत से रोक दिया गया है और यह एक बहुत बडा संदेश भी उपरोक्त मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने दे दिया है। कांग्रेस को इस तरह के बहुत ही ओछे तरी...