संदेश

Sheetala Ashtami लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Sheetala Ashtami शीतला अष्टमी ( बसौड़ा )

चित्र
 शीतला अष्टमी का मूल महत्व शरीर को रोगों से बचाव की दिशा में सर्तक करना है। देवी की जो छवी बनाई जाती है उसमें सबसे मुख्य नीम के पत्ते जो कि एन्टी बायोटिक होते है। झाडू यानि कि साफ सफाई । अर्थात शीतला देवी के पूजन को संक्रामक रोगों को रोकनें के निमित्त किया जाता है। अर्थात यह पर्व समाज को रोगों के प्रति जागरूक करता है । The basic importance of Sheetala Ashtami is to alert the body towards protection from diseases. The most important thing in the image of the goddess that is made is neem leaves, which are anti-biotic. Broom means cleanliness. That is, the worship of Sheetla Devi is done to prevent infectious diseases. That is, this festival makes the society aware of diseases.    ----   शीतला अष्टमी शीतला माता की पूजा के दिन घर में चूल्हा नहीं जलता है। आज भी लाखों लोग इस नियम का बड़ी आस्था के साथ पालन करते हैं। शीतला माता की उपासना अधिकांशत: वसंत एवं ग्रीष्म ऋतु में होती है। शीतला (चेचक रोग) के संक्रमण का यही मुख्य समय होता है। इसलिए इनकी पूजा का विधान पूर्णत: सामयिक ह...