शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010

नीरा कि जवानी,सारे भरते पानी ...!







- अरविन्द सीसोदिया 
नीरा कि जवानी, 
सारे  भरते पानी ...
पूंजीपतियों कि शैतानी...
सरकार करे गुलामी...
शरमाते महात्मा गांधी...!
        *****१ ***** 
भ्रष्टाचार की गंगा, 
ऊपर से नीचे आती..
सबसे ऊपर सोनिया जी 
उनके नीचे मनमोहन जी 
नीचे नीचे आते हैं पटवारी जी
    ***** २  ***** 
गये साल तो नीरा ने किये थे तमाम इंतजाम ..
अब तो वो कर नहीं सकती मगर याद आती ...
राजा का बजा बाजा , टाटा का हुआ भाटा .. 
किश्मत भी खूब खेल खिलती ....
***** ३  *****
सामने आई मीडिया कि कहानी
बिकाऊ मण्डी बन गये अखबारी 
दलालों की सामने दलाली 
शर्म  फिर भी नहीं आती....!!


 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें