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नीरा राडिया : टेपों की ओरिजनलटी के साथ छेड़छाड़ न हो ...

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- अरविन्द सीसोदिया     मेरी व्यक्तिगत  राय यह है कि , नीरा राडिया  की टेपें कई कापी में कई जगह अलग अलग रखी जानीं चाहिए ..! उनकी बातचीत का हार्ड कापी में लिपीवध्य भी तुरंत होना चाहिए, वह भी कई जगह रखी जानी चाहिए ..! कारण बहुत  स्पष्ट है कि देश के हर संस्थान ने अपना विश्वास खोया है ..!  राजनीति , प्रशासनिक क्षैत्र , न्यायपालिका और जांच संस्थानों की विश्वसनीयता पर बहुत सारे प्रश्न चिन्ह अंकित  हैं ..!            जिस तरह से हमारा तंत्र भ्रष्ट हुआ है और उसने आम नियम कानून को धन के आधार पर बेंचने की प्रवृती में पूरी जान झोंक रखी है .., उसी का कारण है की हमारा अति संम्पन्न वर्ग  धन आधारित प्रलोभन के आधार पर अपने हर हित को साधनें में सफल हुआ है ! विसरा की जांच बदल जाती है , ज्यादातर अपराधी अपराध करके वरी हो जाते हैं ..! ....डर यह है कि इन टेपों का असली तथ्य ही न बदल जाये ..! इनकी असली बातचीत समाप्त न करदी जाए .. ! इसलिए सर्वोच्चा न्यायालय को सावधानी रखनी होगी...! पुखता व्यवस्था करवानी होगी की उनमें कोई हेफेर नहीं हो पाए ...! और जल्द से जल्द इन्हें सार्वजनिक भी करवाना चाहिए ..! क्यों की य