24 भारतीय कालाधन जमाखोर लोगों के नाम कहां गायब हो गए


- अरविन्द सीसोदिया
 देश को लूटा जा रहा है..., लुट्वानें में  ईसाई देश और इसाई लोवी सक्रिय है , वर्षों से यह खेल चल रहा है ! बशार्मी  से चल रहा है ! अपने आप को महान और बुद्धिमान कहने वालो के द्वारा चल रहा है !  
जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी और जस्टिस एस. एस. निज्जर की बेंच ने पूछा कि इसे सार्वजनिक करने में क्या परेशानी है। कोर्ट ने कहा कि सभी देशों के सभी बैंकों की सूचनाएं जरूरी हैं। अदालत ने यहां तक कह दिया कि देश को लूटा जा रहा है।
 केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सुप्रीम कोर्ट में उन भारतीयों की सूची भी सौंप दी है जिनके खाते लिंचेस्टाइन के एलजीटी बैंक में हैं। हालांकि बोर्ड ने इन नामों को जगजाहिर करने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि यह भारत और जर्मनी के बीच हुए करार का उल्‍लंघन है।
साल 2010 के शुरुआती महीने में जर्मनी की सरकार ने एक समझौते के तहत भारतीय अधिकारियों को करीब 50 ऐसे भारतीय लोगों के नाम सौंपे थे जिनका काला धन विदेशी बैंकों में जमा है। लेकिन अब सरकार ने महज 26 लोगों के नाम ही कोर्ट में पेश किया। ऐसे में अहम सवाल यह है कि बाकी 24 लोगों के नाम कहां गायब हो गए। 

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