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सजा इतनी तो होनी ही चाहिए कि फिर कोई गोधरा न हो ...

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- अरविन्द सिसोदिया      हमारे देश के कमजोर, गैर जिम्मेवार और सत्तालोलुप हुक्मरानों के कारण,  देश में हिन्दू - मुस्लिम को आपस में मुर्गों की तरह लडानें का सिलसिला अभी भी चल रहा है ..!! अंग्रेजों ने तो यह खेल अपनी सत्ता  बनाये रखनें के लिए खेला था..!  देश की न्यायपालिका,प्रशासन और मिडिया वह मंच था जो निष्पक्ष होजाता तो .., यह सिलसिला रु सकता था .., न्यायलय को छोड़ कर अन्य तंत्रों नें अपनी विश्वसनीयता खो दी है ..!     .....मगर कांग्रेस ने भी वही अंग्रेज खेल लगातार अपनी सत्ता बनाये रखनें के लिए खेला और निर्दोष हिन्दू और मुसलमानों को आपस  में लड़वाया ..!!  उन्हें आपस में लड़वा कर ; अपना सत्ता  सुख सुनिश्चित किया ; गोधरा वह सच है जिसमें यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के नेता गण अपराध का नेतृत्त्व कर रहे थे ..! यह सजा इसलिए कम है कि इस अत्यंत गैर जिम्मेवार ढंग से कि गई अपराधिका  से दोनों पक्षों के यथा हिन्दू और मुस्लमान जो निर्दोष थे ; मरे गए ; बेघर हुए.., दंगे हुए थे .., पूरा देश ही दंगों कि लपेट में आ सकता था ..!          ....इसलिए सजा इतनी तो होनी ही चाहिए कि फिर कोई गोधरा न हो ...!! गोधरा मे