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कांग्रेस,बोफोर्स और क्वात्रोच्ची

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http://www.chauthiduniya.com/2009/05/bofors-ghotale-mein-quattrrochi.html - अरविन्द सिसोदिया   बोफोर्स की क्रमिका..... .. १-  १९८४ में भारतीय सेना ने हविट्जर तोप की खरीदी के लिए टेंडर निकाला २-  अवमूल्यांकन के बाद, फ्रांस के सोफमा तोप को हर दृष्टि से उत्तम पाया गया ३-  सेना को तीस किलोमीटर रेंज वाले तोप की जरूरत थी  ४- सोफमा 29.2 किलोमीटर की रेंज में सटीक था, जबकि  बोफोर्स  महज 21.5 किलोमीटर की रेंज में सटीक था ५- सेना प्रमुख कृष्णास्वामी सुंदरजी ने सोफमा का समर्थन किया  ६- बाद में बोफोर्स को फिर से बोली लगाने की छूट दी गई। ७- सेना और अन्य लोगों के विरोध के बावजूद ठेका बोफोर्स को मिला ८-  बोफोर्स कांड का खुलासा 1987 में स्वीडिश रेडियो ने किया ९-  रेडियो ने दावा किया कि बोफोर्स ने ठेका सुनिश्चित करने के लिए घूस दिया गया है  १०-  इस घोटाले से सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी 1989 में लोकसभा चुनाव हार गई ११-  जुलाई 1993 में स्वीस कोर्ट ने खाता संचालक बैंक को क्यू नामक खातेदार का नाम बताने को कहा और इस तरह क्वात्रोची के नाम का खुलासा हुआ।  १२-  सीबीआई ने क्वात्रोची कोर्ट से उसके पासप

सोनिया जी की कृपा से : मायके वाले क्वात्रोची का मुक़दमा बंद ..!!

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- अरविन्द सिसोदिया  कांग्रेस ने जिस बेसर्मी से  बोफोर्स घोटाला के मुख्य अभियुक्त  ओतावियो क्वात्रोकी (Ottavio Quattrocchi) को बचाया उसने आज तक की सभी नैतिकताओं को तिलांजलि  दे दी है ..! यदि अपराधी सोनिया गांधी के देश का नहीं होता तो क्या बच पाता..? उसे बचानें में  कांग्रेस की सर्कार आते ही , सबूतों के ढेर पर बैठी  सीबीआई ने पलटनें में देरी भी नहीं लगी..! रीड विहीन इसा तंत्र ने अपने आपको सत्ता का गुलाम अप्रोख्स से घोस्ट कर दिया प्रतीत होता है ..! इसा लिए अदालत के इस फैसले के विरुद्ध बड़ी अदालत में अपील की जानीं  चाहिए ..! फोटो लिंक  http://www.rambhai.com/tag/ottavio+ quattrocchi        ----- नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने ४ मार्च २०११  को सीबीआई को बोफोर्स घोटाला मामले में इटली के कारोबारी ओत्तावियो क्वात्रोची का केस बंद करने की मंजूरी दे दी है। सीबीआई ने क्वात्रोची के खिलाफ मामला वापस लेने की याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने केस बंद करने का फैसला सुनाया है।क्वात्रोची दो दशक से ज्यादा पुराने इस मामले में आज तक भारत की अदालत में पेश नहीं हुआ। इस मामले पर अदालत को बीते 21 फरवरी को