पोस्ट

मार्च 22, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Amar Shaheed Bhagat Singh

इमेज
Amar Shaheed Bhagat Singh Born:  September 27, 1907 Martyrdom:  March 23, 1931 Achievements:  Gave a new direction to revolutionary movement in India, formed 'Naujavan Bharat Sabha' to spread the message of revolution in Punjab, formed 'Hindustan Samajvadi Prajatantra Sangha' along with Chandrasekhar Azad to establish a republic in India, assassinated police official Saunders to avenge the death of Lala Lajpat Rai, dropped bomb in Central Legislative Assembly along with Batukeshwar Dutt. Bhagat Singh was one of the most prominent faces of Indian freedom struggle. He was a revolutionary ahead of his times. By Revolution he meant that the present order of things, which is based on manifest injustice must change. Bhagat Singh studied the European revolutionary movement and was greatly attracted towards socialism. He realised that the overthrow of British rule should be accompanied by the socialist reconstruction of Indian society and for this political power must be

मनमोहन सिंह से होली खेली नारद जी नें

मनमोहन सिंह की होली ... - अरविन्द सिसोदिया  भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से होली खेलनें के लिए, नारद जी विशेष  यान से दिल्ली  पहुचे ! साथ में वे बहुत से दुर्लभ रंग भी लाये थे ..!! साथ में संगीत और होली के दुर्लभ गीतों को सुनानें के लिए मण्डली भी लाये थे !  मगर ये क्या .....,  प्रधान मंत्री जी बहुत उदास  बैठे थे .., नारद जी को देख वे शिष्टाचार वश उठ कर खड़े हो गए .., सम्मान पूर्वक नारद जी को उच्च - आसन पर बिठाया ..!  नारद जी ने अन्य बातों के बाद.., गूढ़ दृष्टी जब पी एम् पर डाली .., तो पी एम् ने सभी अन्य को वहां से चले जाने का इशारा करते हुए कहा एकांत..! एकांत हो गया ...!!  नारद जी ने कहा - उदासा कैसे हो जी .. मन मोहन सिंह जी - आपतो जानते ही हैं की सोनिया जी बाहर हैं ... नारद जी -तो क्या हुआ ....? मनमोहन सिंह जी -उनकी इच्छा  के बिना में हँस नहीं सकता -  रो नहीं सकता.. प्रभु आपतो सब जानते हैं कि....!!!!!! नारद जी - चलो हंसनें रोने कि बात छोडो ..रंग तो खेल लें ..यह तो अपनी संस्कृति है.. मनमोहन सिंह जी - आपकी आज्ञा  सर माथे पर .., पर मेरी सुनलें .. बेकार ही एक नई खबर बनेंगी .. नारद जी -