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अन्ना से धोका , बाबा से धोका :कांग्रेस का असली चेहरा

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- अरविन्द सिसोदिया      पिछले २० साल से अधिक समय से इस तरह की पुलिस हिंसा इस देश नें नहीं देखि, बर्बरता इस तरह कि जैसे कोई शत्रु  हो .., कांग्रेस का यह बर्बर रूप १९७५ में सामनें आया था | जब लाखों लोगों को जेल में डाल दिया गया था | कांग्रेस नें जिस तरह बाबा को धोके में डाल कर गायब किया , उससे तो यह संदेह होता है कि बाबा कोई बड़ी पोल न खोल दें इसलिए उन्हें गायब किया गया ..! जरुर ही कोई गहरा राज है , कांग्रेस ही वह पार्टी है जिस पर स्विस बैंक में पैसा जमा होनें का आरोप लगता रहा है |      मुझे आश्चर्य हो रहा था कि बाबा रामदेव कांग्रेस के चक्कर में फंस कैसे रहे हैं , हाल  ही में अन्ना हजारे भी लोकपाल बिल पर धोका खा कर बैठे हैं ..! अब रामदेव से भी धोका दिया जा रहा है ..! कपिल सिब्बल को सब जानते हैं , वे धूर्त टाईप  के व्यक्ति हैं .., हमेशा उन्हें कुतर्क करते हुए ही देखा गया है !!! जब सिब्बल सक्रिय हुये तब ही लग गया था कि कोई खेल तो है ..! क्यों कि बाबा कि खिलाफत के लिए मुम्बई के मुस्लिम अभिनेता को लगाया गया ..? दिग्विजय सिंह जी ने हमेशा की तरह हलके स्तर के प्रश्नों की बोछार की ...!  एक त

महाराणा प्रताप की जयंती

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       ज्येष्ठ शुक्ल तीज सम्वत् 1597 को मेवाड़ के राजा उदय सिंह के घर जन्मे उनके ज्येष्ठ पुत्र महाराणा प्रताप को बचपन से ही अच्छे संस्कार, अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञान और धर्म की रक्षा की प्रेरणा अपने माता-पिता से मिली।   देश और धर्म   की रक्षा के लिए प्रण-पण से अपने आपको आहूत कर देने वाले महान पुरूषों में मेवाड सपूत महाराणा प्रताप का नाम सदा अग्रणी रहा है। जब मुगलों के आतंक व अत्याचार के चलते लोग हताश हो रहे थे ऐसे समय महाराणा प्रताप ने मेवाड़ की भूमि को मुगलों के चंगुल से छुड़ाने हेतु न सिर्फ वीरता पूर्वक संघर्ष किया बल्कि समस्त देशवासियों के लिए एक अनन्य प्रेरणा का संचार किया महाराणा प्रताप की जयंती ४ जून को है .., तिथि से हर साल अलग अलग तारीख आती हे  देदीप्यमान इस शौर्य शिरोंमणि को.., शत शत नमन ...!!!!!!!!!!!!!!  समय लिखता जिनके गौरव गान , समय लिखता जिनका इतिहास , शूरवीर  ही होते हैं वे .., स्मरण करता जिनको समाज ..!! ----- Renu Siroya ये पुण्य धरा मेवाड़ की, वीरो के अभिमान की धरती पर अमर कथा है, प्रताप के स्वाभिमान की इस मिटटी की आन के खातिर तन-मन अपना वार दिय