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दुख तो अपना साथी है : अरविन्द सिसोदिया

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राही मनवा दुख की चिन्ता क्यों सताती है दुख तो अपना साथी है सुख है इक छाँव ढलती आती है जाती है दुख तो अपना साथी है दूर है मंजिल दूर सही प्यार हमारा क्या कम है पग में काँटे लाख सही पर ये सहारा क्या कम है हमराह तेरे कोई अपना तो है सुख है इक छाँव ढलती आती है जाती है दुख तो अपना साथी है दुख हो कोई तब जलते हैं पथ के दीप निगाहों में इतनी बड़ी इस दुनिया की लम्बी अकेली राहों में हमराह तेरे कोई अपना तो है सुख है इक छाँव ढलती आती है जाती है दुख तो अपना साथी है फिल्म – दोस्ती ….. गायक – मोहम्मद रफी ….. संगीतकार – लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल ---- Rahi Manwa Dukh Ki  Rahi Manwa Dukh Ki Chinta Kyon Satati Hai Dukh Tho Apna Saathi Hai, Sukh Hai Ek Chavun Dhalti, Aati Hai Jaati Hai, Dukh Tho Apna Saathi Hai, Door Hai Manzil Door Sahi, Pyar Hamaara Kya Kam Hai, Pag Mein Kaanten Lakh Sahi, Par Yeh Sahara Kya Kam Hai, Ham Raha Tere Koyi Apna Tho Hai, Ham Raha Tere Koyi Apna Tho Hai, Ooo Sukh Hai Ek Chavun Dhalti Aati Hai Jaati Hai, Dukh Tho Apna Saathi Hai, Dukh