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संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत का उद्बोधन

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(बुधवार दिनांक 24 अक्तुबर 2012) विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक प.पू. सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत का उद्बोधन    (विजयादशमी,बुधवार दिनांक 24 अक्तुबर 2012) के अवसर पर दिये गये उद्बोधन - माननीय सरसंघचालक  मोहन भागवत जी    आज के दिन हमें स्व. सुदर्शन जी जैसे मार्गदर्शकों का बहुत स्मरण हो रहा है। विजययात्रा में बिछुड़े हुये वीरों की स्मृतियॉं आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। विजयादशमी विजय का पर्व है। संपूर्ण देश में इस पर्व को दानवता पर मानवता की, दुष्टता पर सज्जनता की विजय के रूप में मनाया जाता है। विजय का संकल्प लेकर, स्वयं के ही मन से निर्मित दुर्बल कल्पनाओं ने खींची हुई अपनी क्षमता व पुरुषार्थ की सीमाओं को लांघ कर पराक्रम का प्रारंभ करने के लिये यह दिन उपयुक्त माना जाता है। अपने देश के जनमानस को इस सीमोल्लंघन की आवश्यकता है, क्योंकि आज की दुविधा व जटिलतायुक्त परिस्थिति में से देश का उबरना देश की लोकशक्ति के बहुमुखी सामूहिक उद्यम से ही अवश्य संभव है। यह करने की हमारी क्षमता है इस बात को हम सबने स्वतंत्रता के बाद के 65 वर्षों में भी कई बार सिद्ध कर दिखा

पाक कब्जे वाले कश्मीर को मुक्त कराया जाए: मोहन भागवत

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            पाक कब्जे वाले कश्मीर को मुक्त कराया जाए: मोहन भागवत   Wed, 24 Oct 2012              नागपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ [आरएसएस] ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को मुक्त कराने की मांग की है। संघ ने यह भी कहा कि कश्मीर छोड़ने को विवश हुए हिंदुओं की वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाना चाहिए ताकि वह सम्मान से अपने घरों को लौट सकें। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कश्मीर घाटी का उल्लेख करते हुए कहा, पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके को मुक्त कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू, लेह, लद्दाख व कश्मीर घाटी के प्रशासनिक व विकास से जुड़े मामलों में भेदभाव को समाप्त किया जाना चाहिए और सभी इलाकों को देश के अन्य क्षेत्र के समकक्ष लाया जाना चाहिए। मोहन भागवत ने कहा, कश्मीर छोड़ने पर विवश हुए हिंदूओं की वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाना चाहिए जिससे सम्मान के साथ घाटी में अपने घरों में उनकी वापसी सुनिश्चित की जा सकें। संघ प्रमुख ने कहा, देश के विभाजन के समय जिन लोगों ने जम्मू-कश्मीर में शरण लिया उन लोग

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जल्द कानून बने: संघ

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  के स्थापना  दिवस  विजयादसमी  के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह को नागपुर में संबोधित करते हुए सरसंघचालक माननीय  मोहन भागवत जी ने कहा ........................   अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जल्द कानून बने: संघ आरएसएस ने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द ऐसा कानून बनाने को कहा जिससे अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की अनुमति प्राप्त हो जाए.विजयादशमी समारोह पर अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लिए किसी तरह के ढांचे के निर्माण की अनुमति अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा से बाहर ही दी जानी चाहिए. इस आशय की खबरों का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि मुसलमानों के लिए ढांचे के निर्माण के वास्ते राम जन्मभूमि स्थल के पास बडा भूखंड अधिग्रहित किये जाने के प्रयास हो रहे हैं.उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भूखंड का अधिग्रहण करेगी और केंद्र सरकार इस पर निर्माण के लिए वित्तपोषण करेगी. भागवत ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण का विषय अदालत के समक्ष लंबित है. इसलिए इस समय ऐसे गैर जिम्मेदाराना प्रस्ताव करना करोड