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अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया?

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अमेरिका में लोकतन्त्र बहुत मजबूत हे और वहां सबसे ऊपर जनता हे , देश का कानून है । वहां लोकतंत्र मजबूत इसलिए है की दलों को भी अपने प्रत्याशी समर्थकों के द्वारा तय हुए घोषित करने पढ़ते हैं । टिकिटों की बन्दर बाँट नहीं हो पाती , इस कारण एरागेरा- नत्थू खैरा  इस प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो पाता ......आइये आजतक की वेब ब्यूरो की यह रिपोर्ट आपको अमरीकी चुनावों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से वाकिफ करवाती है ............................ क्‍या है अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया? आजतक वेब ब्‍यूरो | नई दिल्‍ली, 5 नवम्बर 2012 http://aajtak.intoday.in इन दिनों पूरी दुनिया की नजर अमेरिका के राष्‍ट्रपति चुनाव पर है. अमेरिका में भी राष्‍ट्रपति पद के चुनाव के लिए किसी भी अन्‍य देश की तरह अमेरिकी नागरिक ही मतदान कर सकते हैं. अमेरिकी चुनाव की प्रक्रिया बहुत लंबी भी है. विशेषज्ञों की नजर में राष्ट्रपति पद के चुनाव सालों से केवल दो ही पार्टियों डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक के इर्द गिर्द ही घूमती है. वैसे तो अमेरिकी चुनाव 6 नवबंर को होना है, लेकिन इसकी शुरुआत प्राइमरी इलेक्शन से  हो जाती है.

सरस्वती नदी घाटी सभ्यता

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 सरस्वती नदी घाटी सभ्यता सिंधु घाटी सभ्यता Author: वीकी पीडिया लिंक  http://hindi.indiawaterportal.org/node/20398 मोहनजोदड़ो सिंद्धमोहनजोदड़ो सिंद्ध सिंधु घाटी सभ्यता (३३००-१७०० ई.पू.) विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्यता थी। यह हड़प्पा सभ्यता और सिंधु-सरस्वती सभ्यता के नाम से भी जानी जाती है। इसका विकास सिंधु और घघ्घर/हकड़ा (प्राचीन सरस्वती) के किनारे हुआ। मोहनजोदड़ो, कालीबंगा ,लोथल् , धोलावीरा , राखीगरी , और हड़प्पा इसके प्रमुख केन्द्र थें। ब्रिटिश काल में हुई खुदाइयों के आधार पर पुरातत्ववेत्ता और इतिहासकारों का अनुमान है कि यह अत्यंत विकसित सभ्यता थी और ये शहर अनेक बार बसे और उजड़े हैं। चार्ल्स मैसेन ने पहली बार इस पुरानी सभ्यता को खोजा। कनिंघम ने १८७२ में इस सभ्यता के बारे मे सर्वेक्षण किया। फ्लीट ने इस पुरानी सभ्यता के बारे मे एक लेख लिखा। १९२१ में दयाराम साहनी ने हड़प्पा का उत्खनन किया। इस प्रकार इस सभ्यता का नाम हड़प्पा सभ्यता रखा गया। यह सभ्यता सिन्धु नदी घाटी मे फैली हुई थी इसलिए इसका नाम सिन्धु घाटी सभ्यता रखा गया। प्रथम बार नगरो के उद