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वीरांगना झलकारीबाई झाँसी Virangana Jhalkari Bai

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Virangana Jhalkari Bai  (22 Nov 2021   To  4-4-1830) वीरांगना झलकारी बाई के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम में दिये गये योगदान से देश का अधिकतर जनमानस तो परिचित नहीं था। इसे अटलबिहारी वाजपेयी भारत सरकार ने २२ जुलाई २००१ में झलकारी बाई के सम्मान में एक डाक टिकट जारी कर प्रकाशमान किया। तब से इस वीरांगना के बारे में बहुत कुछ देश ने जाना है। भूलें नहीं हम इन महान बलिदानियों की बलिदान की वजह से ही आजाद हुये है, अहिंसावादियों से नहीं।  4 अप्रैल उस महान वीरांगना को याद करने का दिन है जिसकी वीरता किसी भी मायने में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई से कम नहीं थी पर उसे इतिहास और हमारे हृदयों में वो स्थान नहीं मिल पाया जो मिलना चाहिए था| ये महान वीरांगना थी, झलकारीबाई जो झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की नियमित सेना में, महिला शाखा दुर्गा दल की सेनापति थीं। २२ नवंबर १८३० झांसी के पास के भोजला गाँव में  कोली परिवार में सदोवर सिंह और जमुना देवी के घर में जन्मी झलकारी को कोई औपचारिक शिक्षा तो प्राप्त नहीं हो पाई, लेकिन उन्होनें घुड़सवारी और हथियारों का प्रयोग करने में महारत हासिल करके खुद को एक अच्छे योद्धा के र