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'सीबीआई सरकारी तोता'

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सुप्रीम कोर्ट की फटकार,  'सीबीआई पिंजरे में बंद सरकार का तोता' आईबीएन-7 / May 09, 2013 जस्टिस आर एम लोढ़ा, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ की पीठ ने तीन घंटे तक सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा के 9 पन्नों के हलफनामे पर गौर करने के बाद कहा कि कैसे मान लें की कोयला घोटाले की जांच निष्पक्ष होगी। नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को साफ कह दिया कि सरकारी अफसरों ने कोयला घोटाले की जांच रिपोर्ट की आत्मा बदल दी। कोर्ट ने जांच रिपोर्ट कानून मंत्री और दो आला अफसरों को दिखाने वाली सीबीआई को पिंजड़े में बंद सरकारी तोता करार दिया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को ताकीद कर दी कि आगे से कानून मंत्री ही नहीं किसी भी मंत्री को रिपोर्ट की भनक तक न लगने दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकारी अफसरों की सलाह पर घोटाले की स्टेट्स रिपोर्ट की आत्मा बदल दी गई। कैसे मान लें कि कोयला घोटाले की जांच निष्पक्ष होगी। सीबीआई पिंजड़े में बंद तोते की तरह है जो मालिक की बोली बोलता है। वो ऐसा तोता है जिसके कई मालिक हैं। कैसे मुमकिन है कि दो संयुक्त सचिवों की मौजूदगी में स्टेट्स रिपोर्ट देखी