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नवंबर 7, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

छठ पूजा : सूर्य की सांध्य पूजन का महामेला

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छठ पूजा / Chhath Pooja http://hi.brajdiscovery.org दीपावली के एक सप्ताह पश्चात् बिहार में छठ का पर्व मनाया जाता है। एक दिन व रात तक समूचा बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश गंगा के तट पर बसा प्रतीत होता है। इस दिन सूर्यदेव की उपासना व उन्हें अर्ध्य दिया जाता है। भारत के बिहार प्रदेश का सर्वाधिक प्रचलित एवं पावन पर्व है—सूर्यषष्ठी। यह पर्व मुख्यतः भगवान सूर्य का व्रत है। इस व्रत में सर्वतोभावेन सूर्य की पूजा की जाती है। वैसे तो सूर्य के साथ सप्तमी तिथि की संगति है, किन्तु बिहार के इस व्रत में सूर्य के साथ 'षष्ठी' तिथि का समन्वय विशेष महत्व का है। इस तिथि को सूर्य के साथ ही षष्ठी देवी की भी पूजा होती है। पुराणों के अनुसार प्रकृति देवी के एक प्रधान अंश को 'देवसेना' कहते हैं; जो कि सबसे श्रेष्ठ मातृका मानी गई है। ये लोक के समस्त बालकों की रक्षिका देवी है। प्रकृति का छठा अंश होने के कारण इनका एक नाम "षष्ठी" भी है। षष्ठी देवी का पूजन–प्रसार ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार राजा प्रियव्रत के काल से आरम्भ हुआ। जब षष्ठी देवी की पूजा 'छठ मइया' के रूप में प्रचलित हुई।

Ganges Aarti Ceremony:Prince of Wales Prince Charles and Camilla

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https://www.facebook.com/media Today, Their Royal Highnesses, Charles, Prince of Wales and Camilla, Duchess of Cornwall, paid an official visit to Parmarth Niketan Ashram, Rishikesh as the first destination of their nine-day visit to India. Arriving just before sunset, Their Royal Highnesses took part in the sacred evening Aarti Ceremony (ritual of lights), which is an internationally-renowned highlight of Parmarth Niketan's daily activities. Prior to the Aarti, they observed the final offering of a Yagna (fire ceremony) for World Peace and Environmental Preservation, led by the President of Parmarth Niketan, Pujya Swami Chidanand Saraswatiji. Offering the traditional herbs and seeds into the fire to the rhythm of ancient Vedic prayers, their Royal Highnesses took part in one of the most ancient rituals of the Indian tradition, performed on this occasion as a prayer for a healthy environment and peaceful world. Following the Yagna Ceremony, they took part in a Water Blessing Ce

ब्रिटिश प्रिंस चा‌र्ल्स और उनकी पत्‍‌नी कैमिला पार्कर ने की गंगा आरती

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भारतीय मान-विलायती शान Updated on: Thu, 07 Nov 2013 हरीश तिवारी, ऋषिकेश। गंगातट की असीम शांति और आध्यात्मिक वातावरण से प्रभावित प्रिंस चा‌र्ल्स और उनकी पत्‍‌नी कैमिला पार्कर भारतीय संस्कृति से गदगद नजर आए। स्वर्गाश्रम स्थित परमार्थ निकेतन में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्वागत से अभिभूत दिखे। शाही दंपति ने गंगा आरती स्थल पर पहुंचने से पहले बकायदा अपने जूते उतारे। इतना ही नहीं मां गंगा को अ‌र्घ्य दिया। यह गंगा तट की अलौकिकता ही थी कि जाते-जाते प्रिंस कह उठे-आई विल कम बैक सून.. यानी मैं जल्द लौटूंगा।  पूरी तरह से भारतीयता और सनातन के रंग में रंगे प्रिंस चा‌र्ल्स ने बेबाकी से इस प्रभाव को स्वीकार भी किया। उन्होंने कहा, 'मैं लंबा सफर तय करके यहां पहुंचा हूं, मगर गंगा के पास आकर स्वयं को हल्का महसूस कर रहा हूं। मैं पहली बार गंगा के तट पर आया हूं। गंगा का यह प्रथम सानिध्य मुझे ताजिंदगी याद रहेगा।' गंगा को अ‌र्घ्य देने के बाद उत्तराखंड में आई प्रकृति आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया तो शाही जोड़ा आंखें बंद कर मौन साधना में तल्लीन नजर आया। जब ऋषि

अमेरिका के राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस में दीपावली

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दीवाली धमाके के साथ बॉलीवुड की व्हाइट हाउस में एंट्री, मिशेल भी जमकर थिरकीं http://khabar.ndtv.com/news वाशिंगटन: तीन साल पहले मुंबई में अपने लयबद्ध नृत्य से भारतीयों को मंत्रमुग्ध करने वाली अमेरिकी प्रथम महिला मिशेल ओबामा व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में भारतीय मूल के अमेरिकी बच्चों के साथ हिन्दी गानों पर जमकर थिरकीं। इस तरह बॉलीवुड डांस ने व्हाइट हाउस में अपनी आधिकारिक शुरुआत कर दी है। व्हाइट हाउस में पहली बार दीवाली समारोह आयोजित करने वाली मिशेल ने वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच दीया जलाया। वर्ष 2009 में राष्ट्रपति बराक ओबामा पहली बार व्हाइट हाउस में दीवाली समारोह में शामिल हुए थे। मिशेल ने कहा, इस छुट्टी पर दुनिया के कुछ सबसे पुराने धर्मों के लोगों द्वारा जश्न मनाया जाता है। यह जश्न सिर्फ अमेरिका में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में होता है। दीवाली जश्न का अवसर है। बराक और मैंने भारत यात्रा के दौरान जाना कि यह दोस्तों और परिवारों के साथ इकट्ठा होने, नाचने और अच्छा खाना खाने का अवसर है। 'दीया' जलाने से पहले मिशेल ने कहा, दीवाली प्रार्थना और चिंतन का भी अवसर है। यह एक