संघ देश, धर्म और समाज पर न्यौछावर होने वाले राष्ट्र भक्त तैयार करता है - ओमप्रकाश



सोमवार, 19 जनवरी 2015
संघ देश, धर्म और समाज पर न्यौछावर होने वाले राष्ट्र भक्त तैयार करता है - ओमप्रकाश

पाली १९ जनवरी १४। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश, धर्म और समाज पर न्यौछावर होने वाले राष्ट्र भक्त तैयार करता है। जो समस्याओं से भागता नहीं, बल्कि साहस एवं सकारात्मक सोच के साथ उसका मुकाबला करता है। यह बात रविवार दोपहर को धर्मपुरा केरिया दरवाजा स्थित गोशाला मैदान में मकर संक्रान्ति उत्सव एवं सभा में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख ओमप्रकाश जी  ने कही।

उन्होंने कहा कि लोग जिम्मेदारी लेने से बचते है। इस बात को संघ ने समझा और शाखा शुरू कर खेलकूद के माध्यम से स्वयंसेवकों में सकारात्मक सोच, साहस, निर्भिकता का विकास करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने भारत-चीन युद्ध के दौरान घायल हुए भारतीय सैनिकों के लिए रक्त देने के लिए तैयार हुए सैकड़ों स्वयंसेवकों का प्रसंग सुनाया।

इसके साथ ही उन्होंने सुभाषचंद्र बोस द्वारा बचपन में मां काली को खून से तिलक लगाने का प्रसंग सुनाया। उसके बाद प्रार्थना एवं ध्वज प्रणाम किया गया। अंत में रेवड़ी का प्रसाद बांटा गया।
पाली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश, धर्म और समाज पर न्यौछावर होने वाले राष्ट्र भक्त तैयार करता है। जो समस्याओं से भागता नहीं, बल्कि साहस एवं सकारात्मक सोच के साथ उसका मुकाबला करता है। यह बात रविवार दोपहर को धर्मपुरा केरिया दरवाजा स्थित गोशाला मैदान में मकर संक्रान्ति उत्सव एवं सभा में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख ओमप्रकाश ने कही।

उन्होंने कहा कि लोग जिम्मेदारी लेने से बचते है। इस बात को संघ ने समझा और शाखा शुरू कर खेलकूद के माध्यम से स्वयंसेवकों में सकारात्मक सोच, साहस, निर्भिकता का विकास करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने भारत-चीन युद्ध के दौरान घायल हुए भारतीय सैनिकों के लिए रक्त देने के लिए तैयार हुए सैकड़ों स्वयंसेवकों का प्रसंग सुनाया।

इसके साथ ही उन्होंने सुभाष   चँद्र   बोस द्वारा बचपन में मां काली को खून से तिलक लगाने का प्रसंग सुनाया। उसके बाद प्रार्थना एवं ध्वज प्रणाम किया गया। अंत में रेवड़ी का प्रसाद बांटा गया।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू

स्वामी विवेकानन्द : प्रेरक प्रसंग Swami Vivekananda motivational incident

खींची राजवंश : गागरोण दुर्ग

Complete heroic story of lord hanuman ji ( hindi and english )

जीवन मे कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

यूरोप नें अपने हैप्पी न्यू ईयर पर दुनिया को "युद्ध गिफ्ट" किया - ड़ा इन्द्रेश कुमार

हिन्दु भूमि की हम संतान नित्य करेंगे उसका ध्यान