भारत-अमेरिका : सुधरते रिश्तों ने शेयर बाजार को लगाए पंख



अमेरिका से सुधरते रिश्तों ने बाजार को लगाए पंख
जागरण Tue, 27 Jan 2015
मुंबई। दलाल स्ट्रीट में मंगलवार को लगातार आठवें सत्र में तेजी का दौर बना रहा। भारत-अमेरिका के सुधरते कारोबारी रिश्तों से उत्साहित निवेशकों ने शेयरों में चौतरफा लिवाली की। इससे बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 292.20 अंक यानी एक फीसद उछलकर नए शिखर पर पहुंच गया। यह संवेदी सूचकांक 29571.04 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 74.90 अंक की छलांग लगाकर 8900 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। यह 8910.50 अंक पर बंद हुआ।

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआइआइ) बाजार में बड़े लिवाल बने हुए हैं। भारत के साथ कारोबार को बढ़ावा देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चार अरब डॉलर के निवेश का एलान किया है। इसने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। ओबामा की भारत यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में हुए समझौतों से भी बाजार का माहौल गरम रहा। इसमें वह करार विशेष रूप से शामिल है जिसके तहत अमेरिकी कंपनियां भारत में परमाणु संयंत्र बना सकेंगी।

तीस शेयरों वाला सेंसेक्स इस दिन 29451.65 अंक पर मजबूत खुला। इसका निचला स्तर 29286.09 अंक रहा। अंतिम कारोबारी घंटों में निवेशकों की तेज लिवाली के चलते सेंसेक्स ने 29618.59 अंक का स्तर छुआ।

बीएसई के सूचकांकों में बैंकिंग, कैपिटल गुड्स, ऑटो, एफएमसीजी और रीयल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने ज्यादा दिलचस्पी ली। इसके उलट आइटी और टेक्नोलॉजी खंड की कंपनियों के शेयरों को बिकवाली की मार पड़ी। सेंसेक्स की तीस कंपनियों में 19 के शेयर बढ़े, जबकि 11 में गिरावट दर्ज की गई।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

जर्मनी नें आंतरिक सुरक्षा हेतु 10 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की

एक ईसा, एक बाइबल, लेकिन ईसाइयों में भी हैँ बहुतसारी भिन्नतायें

चुनाव आयोग को चोर कहना, पूरे शासनतंत्र को अपमानित करना है, संविधान विपक्ष को इस तरह की गिरी हुई हरकतों की अनुमति नहीं देता

भारत की 80 करोड़ से अधिक आबादी मेटा की पकड़ में है....?

7 अक्टूबर: मोदीजी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण

स्टारलिंक Starlink

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता फैलाकर और जनता को गुमराह करके सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है - शिवराज सिंह चौहान

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की अनिवार्य जबाबदेही है — अरविन्द सिसोदिया