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शरद पंवार से मुक्ति लें,मूल विचार-व्यवहार पर लौटें “उद्धव ठाकरे”

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          शरद पंवार से मुक्ति लें,मूल विचार-व्यवहार पर लौटें “उद्धव ठाकरे”  Get rid of Sharad Pawar, return to the original thinking "Uddhav Thackeray" महाराष्ट्र की राजनीति का सच यही है कि उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे एवं आदित्य ठाकरे का मूल बर्चस्व शिवसेना संस्थापक एवं कट्टर हिन्दुत्ववादी एवं मुस्लिम गुण्डागर्दी विरोधी स्व. बाला साहेब ठाकरे के विचारों एवं व्यवहार की छाया में ही है। उद्धव ठाकरे कांग्रेस अथवा राष्ट्रवादी कांग्रेस के विचारों एवं व्यवहारों का अनुसरण करते भी हैं तो भी उन्हे कोई अपना नेता नहीं बनाने वाला, क्यों कि उन वोट बैंकों के पास अपने अपने नेता कई दसकों से हैैं। न ही वे उद्धव ठाकरे पर विश्वास ही करेंगे ।आदित्य ठाकरे जिस अजमेर में चादर चढानें गये थे वहां का अब कुछ छुपा नहीं है। सच यही है कि ये तो वे दल हैं जो मूलतः शिवसेना को समाप्त करना चाहते थे, साथ मिला कर समाप्त कर ही तो रहे थे। इसी कारण तो हाथ छुडा कर शिवसेना विधायक एकनाथ के साथ बागी हो गये। उद्धव ठाकरे के सामनें अब भी एक ही रास्ता है कि वे अपने मूल विचार एवं व्यवहार पर ल...

हिन्दूहित के लिए शिंदे की बगावत,हिंदुत्व की रक्षा की प्रेरणा बनेगी - अरविन्द सिसोदिया

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शिंदे की हिन्दूहित के लिए बगावत,हिंदुत्व की रक्षा की प्रेरणा बनेगी - अरविन्द सिसोदिया शिंदे की हिन्दूहित के लिए बगावत,हिंदुत्व की रक्षा की प्रेरणा बनेगी - अरविन्द सिसोदिया Shinde's rebellion for Hindu interest will become an inspiration to protect Hindutva - Arvind Sisodia एकनाथ शिंदे की हिन्दूहित के लिए बगावत की घटना,हिंदुत्व  की रक्षा की प्रेरणा बनेगी - अरविन्द सिसोदिया ---- शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने जब शिवसेना की स्थापना की थी तब उन्होंने बहुत ही स्पष्टता एवं मजबूती से कहा था  कि जिस दिन शिवसेना का कल्चर कांग्रेस का कल्चर हो जाएगा, उस दिन में दुकान बंद कर दूंगा । अर्थात शिवसेना को भंग कर दूंगा। शिवसेना की स्थापना के बाद जो विस्तार हुआ उसका कारण, मुस्लिम गुंडागर्दी और मुंबई में उनके बर्चस्व के कारण हुआ । जब तक बाल ठाकरे जिंदा रहे तब तक सेना प्रखर हिंदुत्व का प्रतिनिधित्व करती रही, उनके "सामना" अखबार बिना किसी डर और भय के हिंदू के पक्ष में, पुरुषार्थ पूर्ण - वीरता पूर्ण अपने आलेखों को दर्ज करता रहा । जब बाबरी ढांचा जब ढहा तब सिर्फ शिवसेना के बाल ठाकरे थे जिन्होंने  बिन...