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अप्रैल 14, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मानवअधिकार वादी भी माओवादियो जेसे ,

मानव अधिकार वादी अब क्यों चुप हे , उनकी चहक चहक खामोश हे। कहं हे तिस्ता , कहा हे सरदेसाई । नक्सल वाद के आगे सब चुप हें । नक्सल वाद के बेरहम नर संहार की निंदा के लिय इनके होठ सिलगय । अपराधियो के पैरोकार शांत चित हिंदुत्व के विरुद तो तूफान उठा ले ते हें । मगर तब सच में कोई बंदूक हो तो , ख़ामोशी जिन्दावाद .... , तथाकथित मानवता वादी असल ने कोन हे ..., यह पता लगाना चाहिए , क्यों की इनकी गति विधि तो माओवादियो जेसा हे, हिंदुत्व को बदनाम करो , उन्हें गलत सवित करो , तमाम हिसक आतंक वादियो , उग्र वादियो ,नक्सल वादियो , माओ वादियो के आगे चुप रहना । सच तो यह हे की बुधि के अजीर्ण से पीड़ित मानवता वाद खुद संदेह में हें । इन लोगों को , हिदू को बदनाम करने की ही तनाख्ह मिलती हें । के छुपे दुसमन हें, इनके नाकाव नोच लेने चाहिए । ये ओट से माओवाद हे । अरविन्द सीसोदिया राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा ; कोटा जन २ , राजस्थान ।

डा अम्बेडकर अमर रहे

डा अम्बेडकर अमर रहे , कुछ फुलमाले और कुछ नारे , मगर उनके लक्छ्य, उनके सपने कौन पूरे करेगा , आरक्छन का फायदा जिन्हें मिला, उन्हें अन्य पिछड़ों को लाभ दिलाना होगा , सम्पन्न दलितों को अपना कब्जा निति छोड़ कर, अपने ही अन्य पिछड़ों को साथ लेना और उन्हें आगे बढ़ाना होगा । अम्बेडकर मेरी कुर्शी अमर रहे नहीं हें , मेरी नोकरी अमर रहे नहीं हें । अम्बेडकर समाज का उठान अमर रहे हें, रास्ट्र का उठान अमर रहें हें । एक भी व्यक्ति जब तक गरीव हे , अम्बेडकर के सपने अधूरे हें । भारत के सपने अधूरे हें , संविधान की आत्मा अधूरी हें । हम सब मिल कर संकल्प लें , जब तक एक भी भूखा हें ,पिछड़ा हे , अशिछित हे , अम्बेडकर जेसी हिम्मत से संघर्स करें । बी पि एल को नर्क से उबारना होगा , उनकी भूख दूर करनी होगी , उनका जीवन खुशाल बनाना हे , उनकी चिंता करो , अम्बेडकर आशीर्वाद देंगे । अरविन्द सीसोदिया राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा कोटा २ राजस्थान । ०९४१४१ ८०१५१