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फ़रवरी 11, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

काहिरा की खुशी : कांग्रेस का गम....

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- अरविन्द सीसोदिया     जो काहिरा में हुआ वह भारत में १९७७ में लोकतान्त्रिक प्रक्रिया से हो चुका है .., १९४७ से १९७७ तक के एक छ्त्र ३० साल के कांग्रेस राज से मुक्ती के लिए भारत की जनता नें , प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए श्रीमती इंदिरा गांधी तक को, उनके लोक सभा क्षेत्र में हरा दिया था ..!! उन्हें लोक सभा से बाहर रखा था ,,!! कांग्रेस को ३० साल के लम्बे शासन के बाद सिंहासन  से उतार दिया था ..!! मगर.....    जिन लोगों ने सिंहासन संभाला वे खरे नहीं उतर  सके और ढाई साल बाद कांग्रेस पुनः सत्ता में वापस आ गई ...!! सवाल यह है की कहीर की खुशी भी तभी बरकरार रहेगी जब जनता को स्थाई और सुशासन वे लोग देन जो अब शासन संभालेंगे ..! अन्यथा यह क्रांती भी बेकार जायेगी..! भारत पर गहरा असर .....    यह भले ही कहा जाता रहे कि  मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के पद छोड़ने का असर भारत पर नहीं होगा .., मगर यह घटना परोछ रूपसे संवेदनशील और परिपक्व भारत पर गहरा असर डालेगी..! भारत की जनता अपेछाकृत शांत और सहन शील अवश्य है ...! मगर उचित समय पर उचित जबाव उसनें हमेसा दिया है ...! कुल मिलकर कांग्रेस को अवश्य परेसा

अल्लाह या खुदा भी माफ़ नहीं करेगा ..!! M F Hussain's Hypocrisy : Should n't that bastard be hanged?

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- अरविन्द सीसोदिया  facbook से  ......  M F Hussain's Hypocrisy : Should n't that bastard be hanged? Naked Bharatmata - Husain has shown a naked woman with names of states written on different parts of her body. He has used the Ashok Chakra of the Tri-colour in the painting. By doing this he has violated the law & hurt the National Pride of Indians. Both these things should be of grave concern to every Indian irrespective of his religion एम ऍफ़ हुसेन ने कभी अपनी मान या बहन का नग्न चित्र नहीं बनाया ..! मगर उसनें भारतीय  संस्कृती के पूज्य और आराध्य देवों से लेकर भारत माता तक को अश्लीलता के घिनोनें दिमाग में  अपनी कुची से डुबाया   है..! इस तरह की घिनोनी हराक ही शेतानीं कही जाती है..! वह उस मत्री भूमी के प्रती जिससे उनका शरीर बना हो..! नहीं लगता कि उन्हें अल्लाह या खुदा भी माफ़  करेगा ..!!

चमचावाद जिन्दावाद ...!

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- अरविन्द सीसोदिया      वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राजस्थान सरकार में पंचायती राज और वक्फ राज्यमंत्री अमीन खां ने कांग्रेस कि एक संगठनात्मक बैठक में , मंत्रियों से नाराज कार्यकर्ताओं को तसल्ली देनें के लिए , बिना किसी दुर्भावना के एक सच क्या कह दिया ..., उनकी बली ले ली गई !! बिचारा बिना मौत मारा गया !! चापलूसी का अथाह सागर लगभग हर दल में है , योग्यता राजनीती में व्यक्ती की दुश्मन है ..! राजनैतिक योग्यता में पैसा और प्यार ( वफादारी )ही प्रमुख है ..! प्यार की उदेश्य परख अति ही चमचावाद है ..!       मगर क्या यह कांग्रेस के अन्दर का सच नहीं है..? इससे पहले वंशवाद कि वफादारी की नसीहत राहुल गांधी ने भी दी थी..! सवाल यही है की इतना बड़ा पद , बिना ठोस व्यवस्था के चुन लिया जाता है..??   कहीं न कहीं इस महत्व पूर्ण पद की निर्वाचन व्यवस्था परिपक्व होनी चाहिए ..!! *** सम्पूर्ण विवरण  *** जयपुर.  राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के बारे में विवादास्पद बयान देने वाले पंचायतीराज एवं वक्फ राज्यमंत्री अमीन खां ने आखिरकार गुरुवार को इस्तीफा दे दिया है। खां ने गुरुवार सुबह नाथद्वारा से जयपुर पहुंचते ही अपना इ

कांग्रेस व थामस , निर्लज्जता की सभी हदें पार ....

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- अरविन्द सीसोदिया   आज तक की साईट पर  ,यह राय एक पाठक की है ... आपकी राय वाह थामस साहब ... क्या बात है ! अरे हुज़ूर, यही तो इस देश की बिडम्बना है. जब हमारे संसद मे ही 30 प्रतिशत दागी बैठे है तो आप जैसो की ही निकल पडेगी ना. जब सुप्रीम कोर्ट ने यह पूछा की थामस साहब के ट्रैक रिकोर्ड मे बाकी दोनो से अलग क्या ख़ासियत थी तो कहना चाहिए था की इनके साथ 30 प्रतिशत सांसदो का बहुमत था. क्योकि अभी के सरकार मे जो जितना बड़ा बेईमान है वो इस सरकार के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है. इसी कारण से इनको वरीयता मिली क्योकि ईमानदार को सीवीसी बनाने पर जल्दी ही दूसरा बनाना पड़ता. जैसा कि अब सभी जान चुके है कि ईमानदार तो अब इस देश मे पैदा ही होते है ज़िंदा जला कर मार डालने के लिए. जय हो ! जय हो ! जय हो ! ईमानदार प्रधानमंत्री जी की जय हो ! Sudhanshusudhanshu.mishra@yahoo.co.inसोमवार, 7 फरवरी 2011 ;पटना ----- पी जे थॉमस ने कहा है कि विवादास्‍पद केंद्रीय सतर्कता आयुक्‍त पी जे थॉमस ने कहा है कि संसद में 28.3 प्रतिशत सांसद दागी हैं. उन्‍होंने कहा कि संसद में जो लोग कानून बनाते हैं उनमें भी बहुत से लोग द