दशा माता पूजन Dasha Mata Puja
हिन्दू धर्म की मान्यता में किसी भी व्रत व त्योहार को मनाने के लिए तिथि विशेष मानी गई है। उसमें भी उदयकाल तिथि का ही महत्व दिया गया है। दशा माता का व्रत वर्ष 2023 मे दशा माता का व्रत 17 मार्च, शुक्रवार को किया जाएगा। पंचांग की यह स्थिति दशा माता के पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ है। स्थानीयस्तर के समाचारपत्रों में शुभ महूर्त आदि आ जाते हैं। इस विधि से करें दशा माता की पूजा (Dasha Mata Puja and Vrat Vidhi ) - 17 मार्च, शुक्रवार की सुबह स्नान आदि करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें। इसके बाद पीपल वृक्ष को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर पूजा करें। कच्चे सूत का 10 तार का डोरा बनाकर उसमें 10 गांठ लगाएं और इसकी पूजा करें। - पीपल वृक्ष की 10 प्रदक्षिणा करते हुए भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। वृक्ष के नीचे दीपक लगाएं। अबीर, गुलाल, कुंकुम, चावल, फूल आदि चीजें चढ़ाएं। पूजा के बाद वृक्ष के नीचे बैठकर नल दमयंती की कथा सुनें। - घर आकर द्वार के दोनों ओर हल्दी कुमकुम के छापे लगाएं। इस दिन व्रत रखें और शाम को बिना नमक का भोजन करें। इस प्रकार पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और प...



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