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लूजपाल विधेयक

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- अरविन्द सिसोदिया               अब कांग्रेस सरकार की असलियत सामनें आ चुकी है,वह स्वंय भ्रष्टाचार में तो डूबी ही हुई है,आगे भी उस पर नियंत्रण की उसकी कोई इच्छा नहीं है | बल्की कांग्रेस की कारगुजारियों से तो येसा प्रतीत होता है कि  देश को लूटना वह जायज अधिकार मानती हो ..!              लोकपाल बिल को अब लूजपाल बिल बना कर रख दिया है | निचले स्तर के भ्रष्टाचार को पकडनें के लिए कई कानून और संस्थाएं  हैं | जो यदा - कदा पकड़ धकड़ करती रहती हैं | असली सवाल तो राजनेताओं और बड़े अधिकारियों, उद्योगपतियों , मफियायाओं , तस्करों तथा व्यापारियों की  पकड़ धकड़  का है |              सबनें देखा है की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यह जानते थे की ए. राजा भ्रष्टाचार कर रहे हैं, पहले तो उन्हें इच्छा के विरुद्ध मंत्री बनाना पड़ा ; फिर भ्रष्टाचार की गंगा बहते हुए भी चुप रहना पड़ा ! क्योंकि यह समर्थन के बदले राशी वसूली थी ? यदी कोई कानून होता तो प्रधानमंत्री भी और मंत्री भी डरता !! उस पर अंकुश रहता !!              इससे आगे एक और बात है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास जो विभाग थे उनमें से एक में एस - बैंड स्पेक्