प्रभु से प्रार्थना : रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे







प्रभु से प्रार्थना :  रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे 

मिलता है सच्चा सुख केवल, भगवन तुम्हारे चरणों मे..
यह विनती है पल पल छिन छिन, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे..
मिलता है सच्चा सुख केवल.............

जिव्हा पर तेरा नाम रहे, तेरी याद सुबह और शाम रहे..
बस काम यह आठो याम रहे, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे..
मिलता है सच्चा सुख केवल.............

चाहे संकट ने मुझे घेरा है, चाहे चारो और अँधेरा हो..
पर चित्त न डगमग मेरा हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे..
मिलता है सच्चा सुख केवल.............

चाहे अग्नि मे भी जलना हो, चाहे कांटो पर ही चलना हो..
चाहे छोड़ के देश निकलना हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे..
मिलता है सच्चा सुख केवल.............

चाहे ग्रेह्स्थ का फर्ज निभाना हो, चाहे घर - घर अलख जगाना हो..
चाहे दुश्मन सारा जमाना हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे..
मिलता है सच्चा सुख केवल.............

चाहे बीच भवर मे नैया हो, चाहे कोई ना उसका खिवैया हो..
भवसागर पार उतरने को, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे..
मिलता है सच्चा सुख केवल.............

चाहे बैरी सब संसार बने, चाहे जीवन मुझ पर भार बने..
चाहे मौत गले का हार बने, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे..
मिलता है सच्चा सुख केवल.............

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

भक्त प्रहलाद : Bhagat Prhlad

दशा माता पूजन Dasha Mata Puja

‘फ्रीडम टु पब्लिश’ : सत्य पथ के बलिदानी महाशय राजपाल

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

कविता - हिन्दु सनातन जिसे कहते है वह मानवता का मान है

आपातकाल : लोकतंत्र की प्रथम हत्या Emergency: The First Murder of Democracy