हज पर सब्सिडी देना बंद करे सरकार:सर्वोच्च न्यायालय




हज पर सब्सिडी देना बंद करे सरकार:सर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली, 8 मई 2012
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को सरकार को निर्देश दिया कि अगले 10 वर्षो में हज पर दी जाने वाली सब्सिडी समाप्त कर दी जाए.पवित्र शहर मक्का के लिए हज यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को लेकर सरकार की नीति की तीखी आलोचना करते हुए न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने सरकार द्वारा प्रति वर्ष मक्का भेजे जाने वाले सद्भावना शिष्टमंडल के सदस्यों की संख्या भी घटा दी. न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि सरकार द्वारा प्रति वर्ष मक्का भेजे जाने वाले सद्भावना शिष्टमंडल में अब मात्र दो सदस्य होंगे. फिलहाल इस शिष्टमंडल में जाने वाले सदस्यों की संख्या 30 है. न्यायालय ने राज्यस्तरीय हज समितियों और भारतीय हज समिति से इस बात का भी विवरण मांगा है कि कितनी सब्सिडी दी जाती है और इस पर कुल कितना खर्च आता है.
सर्वोच्च न्यायालय हज के लिए वीआईपी कोटे के खिलाफ


सर्वोच्च न्यायालय हज के लिए वीआईपी कोटे के खिलाफ

16-Apr-2012 स्त्रोत: आईएएनएस
नई दिल्ली| सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि हज यात्रा के लिए वीआईपी कोटा सदैव नहीं रहना चाहिए। न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने कहा कि सरकार ने वीआईपी लोगों के लिए 'वन प्लस नाइन' के एक हज कोटे का प्रस्ताव किया है, लेकिन इसे घटाकर 'वन प्लस थ्री' पर लाना चाहिए और ज्यादा बेहतर होगा कि इससे भी बचा जाए। न्यायमूर्ति आलम ने कहा कि हज कोटा 1967 में एक सद्भावना के रूप में शुरू हुआ था और इसे हमेशा जारी रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती। न्यायालय ने यह बात हज टूर ऑपरेटर्स द्वारा दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कही। न्यायालय हज नीति में वीआईपी कोटा के मुद्दे पर गौर कर रहा है।

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