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‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू

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वनवासी धर्मरक्षक गुरू और महान समाज सुधारक गोविन्द गुरू के स्मरण में, मानगढ धाम ( जिला बांसवाडा , राजस्थान ) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर, समरसता यात्रा साईकिल से निकाली जा रही है। यह यात्रा मण्डल केन्द्रों तथा सेवा बस्तियों में पहुचेगी।   भारत का प्रथम जलियांवाला : मानगढ़ हत्याकाण्ड   http://arvindsisodiakota.blogspot.in/2012/11/blog-post_16.html =================== ‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’ पुस्तक का विमोचन ( अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा  ) आदिवासी विश्वविद्यालय का नाम ‘गोविन्द गुरू विश्वविद्यालय’ होना चाहिए- गोपाल शर्मा महिमा मंत्री Published On January 15, 2013 आदिवासी विश्वविद्यालय का नाम ‘गोविन्द गुरू विश्वविद्यालय’ होना चाहिए और राजस्थान की विधानसभा के सामने महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगनी चाहिए – यह कहना है जयपुर महानगर टाइम्स के प्रबंध संपादक गोपाल शर्मा का। वे आज भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक महत्वपूर्ण घटना मानगढ़ धाम बलिदान के महानायक एवं भगत आन्दोलन के पुरोधा पूज्य गोविन्द गुरू के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘‘भूरेटिया नी मांनू रे’’ (अंग्रेजों! नहीं मानूंगा)