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सृष्टि के प्रथम पत्रकार देवर्षि नारदजी

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सृष्टि के प्रथम पत्रकार देवर्षि नारदजी की जयंती पर सृष्टि के पहले संवाददाता नारदमुनि पुराणों के अनुसार नारद मुनि भारतीय ऋषियों में एकमात्र व्यक्ति थे, जिन्हें देव ऋषि की उपाधि मिली थी। वे एक मात्र ऐसे ऋषि थे, जिनका उल्लेख लगभग सभी हिंदू ग्रंथों में मिलता है। सतयुग, त्रेता और द्वापर युग में भी नारदजी देवी-देवताओं में संवाद का माध्यम बने। हमेशा सतर्क रहने वाले नारद मुनि ब्रह्माजी के मानस पुत्रों सनक, सनंदन, सनत और सनातन से छोटे थे। ब्रह्माजी से मिले वरदान के अनुसार आकाश, पाताल तथा पृथ्वी तीनों लोकों का भ्रमण कर नारदजी देवताओं, संत-महात्माओं, इंद्रादि शासकों और जनमानस से सीधा संवाद करके उनसे सुख-दुख की जानकारी लेकर समस्याओं के निराकरण में भागीदारी निभाते थे। इसी कारण वे देव और दानव दोनों में लोकप्रिय थे। इसी के साथ उनमें एक-दूसरे में संघर्ष व युद्ध तक कराने की महारत थी। कई बार उन्हें इस आदत के कारण अपमान भी सहना पड़ा। फिर भी अपने उद्देश्य व समाज हित के लिए समर्पित नारदजी का जीवन मान-अपमान की परवाह किए बगैर बीता। उन्हें सृष्टि के प्रथम संवाहक या संवाददाता भी कहा जाता है। देव ऋषि न